हनुमान मंत्र
ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी को नया जीवन (प्राण) देने वाले भगवान को नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
शयन के समय, प्रातः जागने पर और विशेषकर यात्रा के दौरान इनका जप करने से व्यक्ति अकाल-मृत्यु के भय से मुक्त होता है, राजद्वारे (कोर्ट-कचहरी) में विजयी होता है और उसे समस्त संपत्तियों की प्राप्ति होती है
विस्तृत लाभ
शयन के समय, प्रातः जागने पर और विशेषकर यात्रा के दौरान इनका जप करने से व्यक्ति अकाल-मृत्यु के भय से मुक्त होता है, राजद्वारे (कोर्ट-कचहरी) में विजयी होता है और उसे समस्त संपत्तियों की प्राप्ति होती है 35।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ बलानुयायिने नमः
श्री राम जय राम रघु राम (Sri Ram Jaya Ram Raghu Ram)
ॐ श्रीं कृष्णाय श्रीं श्रीं श्रीं गोविन्दाय गोपालय गोलोक सुंदराय...
ॐ शतकोटिरविप्रभाय नमः
अगजानन पद्मार्कं गजाननमहर्निशम् । अनेकदन्तं भक्तानाम् एकदन्तमुपास्महे ॥
आ नो दिवो बृहतः पर्वतादा सरस्वती यजता गन्तु यज्ञम्। हवं देवी जुजुषाणा घृताची शग्मां नो वाचमुशती शृणोतु॥