शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
कार्तिकेय मंत्र
ॐ नवशक्तिसमावृताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपशक्ति-परिवेष्टित
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
नौ शक्तियों (नवदुर्गाओं) से घिरे हुए देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
हर दिशा से देवी की शक्तियों द्वारा सुरक्षा कवच
विस्तृत लाभ
हर दिशा से देवी की शक्तियों द्वारा सुरक्षा कवच।
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ॐ निर्गुणायै नमः
ॐ ब्रह्मणस्पते त्वमस्य यन्ता सूक्तस्य बोधि तनयं च जिन्व । विश्वं तद्भद्रं यदवन्ति देवा बृहद्वदेम विदथे सुवीराः ॥
त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव
कर्णयुग्मं च कण्ठं च कपालं पातु माधवः । कपोलं पातु गोविन्दः केशांश्च केशवः स्वयम् ॥
ॐ कारणार्णवसम्मग्नायै नमः
ॐ दिव्यमाल्यविभूषाय नमः।