शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ नखास्त्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवज्रनख
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके नख ही उनके सबसे बड़े अस्त्र हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बिना किसी बाहरी हथियार के स्वयं का एक प्राकृतिक रक्षा-कवच निर्मित होना
विस्तृत लाभ
बिना किसी बाहरी हथियार के स्वयं का एक प्राकृतिक रक्षा-कवच निर्मित होना।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
नमो अस्तु नीलग्रीवाय सहस्राक्षाय मीढुषे। अथो ये अस्य सत्त्वानोऽहं तेभ्योऽकरं नमः॥
ॐ दण्डकारण्यपुण्यकृते नमः
ॐ गुणाकराय नमः
ॐ क्षेत्रदाय नमः।
दयासुदृष्टिं कुरुतां मयि श्रीः! सुवर्णदृष्टिं कुरु मे गृहे श्रीः॥
रक्षांसि यत्रोग्रविषाश्च नागा यत्रारयो दस्युबलानि यत्र। दावानलो यत्र तथाब्धिमध्ये तत्र स्थिता त्वं परिपासि विश्वम्॥