शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ निटिलाक्षाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपशिव-अभिन्न रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके भाल पर तीसरा नेत्र है (शिव स्वरूप), उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्रज्ञा-चक्षु (Third Eye) का जागरण, विवेक और सत्य-निष्ठा में वृद्धि
विस्तृत लाभ
प्रज्ञा-चक्षु (Third Eye) का जागरण, विवेक और सत्य-निष्ठा में वृद्धि।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ वज्रहस्ताय नमः
ह्रीं भैरव भयंकरहर मां रक्ष-रक्ष हुं फट् स्वाहा।
सर्वाननशिरोग्रीवः सर्वभूतगुहाशयः। सर्वव्यापी स भगवांस्तस्मात् सर्वगतः शिवः॥
ॐ तत्त्वज्ञानप्रदाय नमः
ॐ मुरारये नमः
अनङ्गरङ्गमङ्गलप्रसङ्गभङ्गुरभ्रुवां सविभ्रमससम्भ्रमदृगन्तबाणपातनैः। निरन्तरं वशीकृतप्रतीतनन्दनन्दने कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥