ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

नृसिंह मंत्र

स्वदन्त पाशाङ्कुश रत्नपात्रं करैर्दधानो हरिनीलगात्रः । रक्तांशुको रत्नकिरीटमाली भूत्यै सदा मे द्विमुखो गणेशः ॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

भूत-भविष्य का ज्ञान और समग्र दैवीय सुरक्षा

विस्तृत लाभ

भूत-भविष्य का ज्ञान और समग्र दैवीय सुरक्षा।

इसे भी पढ़ें

अन्य देवताओं के मंत्र

प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र