तंत्र शास्त्रतंत्र साधना में ग्रह शांति कैसे करें?तांत्रिक: मंत्र जप (बीज) + यंत्र + हवन (ग्रह सामग्री) + रत्न + दान + अभिषेक। सूर्य=गेहूं, चंद्र=चावल, शनि=तिल। तांत्रिक=वैदिक+यंत्र=अधिक प्रभावी। ज्योतिषी+गुरु → सही उपाय।#ग्रह शांति#तंत्र#मंत्र
तंत्र शास्त्रतंत्र में अभिमंत्रित वस्तु कैसे बनाएं?विधि: शुद्धि (गंगाजल) → संकल्प → वस्तु स्पर्श + मंत्र 108 बार → प्राण वायु (फूंक) → पवित्र स्थान। क्या: जल, माला, यंत्र, रुद्राक्ष, रत्न। सिद्ध गुरु = सर्वाधिक प्रभावी। भक्ति भाव से सभी कर सकते।#अभिमंत्रित#वस्तु#मंत्र शक्ति
तंत्र शास्त्रतंत्र में कवच क्या होता है और कैसे धारण करें?कवच = मंत्र द्वारा अंग-अंग रक्षा। प्रसिद्ध: देवी कवच, नारायण कवच (भागवत 6.8), रामरक्षा, हनुमान कवच। धारण: प्रतिदिन पाठ = 'धारण'। प्रातः/यात्रा/संकट में। बिना दीक्षा सभी पढ़ सकते।#कवच#रक्षा#मंत्र
तंत्र शास्त्रतंत्र साधना में अभिमंत्रित जल का क्या उपयोग है?मंत्र जप (108) जल पर → ऊर्जा संचारित। उपयोग: रोगी (महामृत्युंजय जल), गृह शुद्धि (छिड़काव), शरीर शुद्धि, अभिषेक। ताम्र/मिट्टी पात्र। चिकित्सा विकल्प नहीं।#अभिमंत्रित जल#मंत्र जल#शुद्धि