ध्यान अनुभवध्यान करते समय शरीर में विद्युत प्रवाह जैसा अनुभव क्यों होता है?
प्राण ऊर्जा (72,000 नाड़ी), कुंडलिनी (अमर उजाला: 'बिजली कौंधना'), नाड़ी शुद्धि (block), चक्र सक्रिय। रीढ़=कुंडलिनी, हथेली=प्राण। सामान्य+शुभ! दर्दनाक=गुरु।
#विद्युत#प्रवाह#शरीर