नियम और वर्जनाएंरात या शाम के समय श्राद्ध क्यों नहीं करना चाहिए (राक्षसी श्राद्ध)?शाम या रात के समय श्राद्ध करना शास्त्रों में मना है। इसे 'राक्षसी श्राद्ध' कहा जाता है और रात में किया गया श्राद्ध पूर्वजों तक नहीं पहुँच पाता है।#राक्षसी श्राद्ध#समय निषेध#संध्या काल
नियम और वर्जनाएंकालाष्टमी अगर शनिवार को पड़े तो क्या चीजें नहीं खरीदनी चाहिए?अगर कालाष्टमी शनिवार को हो, तो उस दिन बाजार से चमड़े का सामान (जूते, बेल्ट) और अपने खाने-पीने के इस्तेमाल के लिए 'सरसों का तेल' बिल्कुल नहीं खरीदना चाहिए।#शनिवार व्रत#चमड़ा#सरसों का तेल
नियम और वर्जनाएंक्या महिलाएं मासिक धर्म (Periods) में शनिवार का व्रत कर सकती हैं?हाँ, वे व्रत (उपवास) रख सकती हैं और मन में मंत्र पढ़ सकती हैं। लेकिन पूजा करना, मूर्ति छूना या मंदिर जाना सख्त मना है। इन दिनों के व्रत को कुल व्रत की गिनती में नहीं जोड़ा जाता।#मासिक धर्म#रजस्वला नियम#धर्मसिंधु
नियम और वर्जनाएंशनिवार को लोहा और तेल खरीदकर घर क्यों नहीं लाना चाहिए?'मुहूर्त चिंतामणि' के अनुसार लोहा शनि की धातु है। शनिवार को इसे या तेल को खरीदकर घर लाने से घर में गरीबी और क्लेश (लड़ाई-झगड़े) का प्रवेश होता है। इन्हें पहले से खरीदकर रखें और शनिवार को केवल दान करें।#लोहा खरीदना#तेल खरीदना#मुहूर्त चिंतामणि