मंत्र का स्वरूप और अर्थ'पुष्टिवर्धनम्' का क्या अर्थ है?
'पुष्टि' = जीवन की पूर्णता, उत्तम स्वास्थ्य, प्रचुरता; 'वर्धनम्' = वृद्धि/पोषण करने वाला। 'पुष्टिवर्धनम्' = वह परमसत्ता जो श्रेष्ठ माली की भांति सृष्टि रूपी उद्यान का पोषण और संवर्धन करती है।
#पुष्टिवर्धनम्#जीवन पूर्णता#स्वास्थ्य