मंत्र जप दर्शनमंत्र जप से आत्मा की शुद्धि कैसे होती है?संस्कार दहन (कर्म वासना)। विचार शुद्ध → कर्म शुद्ध। माया पर्दा हटाना (वेदांत: आत्मा स्वयं शुद्ध)। नाम = नामी = ईश्वर संपर्क। इंद्रियां अंतर्मुखी।#आत्मा#शुद्धि#जप
मंत्र जप दर्शनमंत्र जप से समाधि अवस्था कैसे प्राप्त होती है?योग सूत्र: 'तज्जपस्तदर्थभावनम्'। जप(धारणा)→ध्यान(एक धारा)→समाधि(मंत्र+मन+देवता=एक)। सविकल्प→निर्विकल्प। चैतन्य/मीरा = नाम→भाव समाधि। वर्षों अभ्यास। गुरु = त्वरित।#समाधि#जप#अवस्था
मंत्र जप दर्शनमंत्र जप से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग कैसे खुलता है?कर्म बंधन मुक्ति (निष्काम), चित्त शुद्धि → ज्ञान ('अहं ब्रह्मास्मि'), भक्ति → शरणागति, कुंडलिनी → समाधि, नाद → ब्रह्म। शिव पुराण: 'ॐ नमः शिवाय' = सायुज्य मोक्ष।#मोक्ष#जप#मार्ग
मंत्र जप दर्शनमंत्र जप से मन की शक्तियां कैसे विकसित होती हैं?एकाग्रता (focus), संकल्प शक्ति (इच्छा), स्मरण, अंतर्ज्ञान (intuition), शांति/clarity, सृजनशीलता। पतंजलि: धारणा→ध्यान→समाधि→सिद्धि। जप = मन का gymnasium।#मन#शक्ति#विकसित