माला नियमहल्दी की गांठ की माला किस देवी के मंत्र जप के लिए उत्तम है?बगलामुखी सर्वोत्तम (पीला = बगलामुखी)। गणेश, बृहस्पति भी शुभ। शत्रु/कोर्ट/स्तंभन। 108 गांठें, शुक्रवार/मंगलवार। सूखी जगह (नमी बचाव)।#हल्दी#माला#देवी
माला नियमस्फटिक माला से जप कैसे करें और किस देवता के लिए?देवी/लक्ष्मी सर्वोत्तम। सर्वदेवता मान्य (निष्पक्ष)। गंगाजल+दूध शुद्धि। शुक्रवार/नवरात्रि। स्वच्छ रखें। शुरुआती साधकों हेतु उत्तम।#स्फटिक#माला#जप
माला नियमतुलसी माला से जप करने के नियम क्या हैं?विष्णु/कृष्ण/राम/लक्ष्मी। शिव = वर्जित। गंगाजल + विष्णु मंत्र शुद्धि। कंठी = वैष्णव (सदा पहनें)। जप माला ≠ कंठी। तुलसी + विष्णु सहस्रनाम = सर्वोत्तम।#तुलसी#माला#जप
माला नियमएकमुखी रुद्राक्ष से जप करने का क्या विधान है?सर्वदुर्लभ = शिव स्वरूप। 108 माला असंभव — 1 दाना कंठ/पूजा। पंचमुखी माला + एकमुखी धारण = सर्वोत्तम। 'ॐ नमः शिवाय'। नकली बहुत — विश्वसनीय स्रोत।#एकमुखी#रुद्राक्ष#जप
माला नियमराम नाम जप के लिए कौन सी माला सबसे उत्तम है?तुलसी माला सर्वोत्तम (राम=विष्णु, तुलसी=विष्णुप्रिया)। रुद्राक्ष/स्फटिक/चंदन भी। 'श्री राम जय राम' / 'ॐ रामाय नमः'। राम नाम = सर्वसरलतम — माला बिना भी।#राम#नाम#माला
माला नियमचंदन माला से जप करने का क्या विशेष लाभ है?शीतलता (शांति), सुगंध (एकाग्रता), सात्विक (सर्वदेवता), आयुर्वेद (पित्त↓, मस्तिष्क शांत)। विष्णु/शिव विशेष। श्वेत=शिव/विष्णु, लाल=देवी/गणेश। सूखी जगह रखें।#चंदन#माला#लाभ
माला नियमएक ही माला से अलग-अलग मंत्रों का जप कर सकते हैं या नहीं?आदर्श: अलग माला (ऊर्जा मिश्रण)। व्यावहारिक: स्फटिक = सर्वदेवता। अनुष्ठान = अलग अनिवार्य। शिव=रुद्राक्ष, विष्णु=तुलसी, देवी=स्फटिक/हल्दी।#एक माला#अलग#मंत्र
माला नियमरुद्राक्ष माला से जप करने के नियम क्या हैं?पंचमुखी सर्वसाधारण। गंगाजल+दूध शुद्धि + 108 'ॐ नमः शिवाय'। सोमवार धारण। अंगूठा+मध्यमा, गौमुखी। सुमेरु न लांघें। अशुद्ध अवस्था उतारें। सरसों तेल रखरखाव।#रुद्राक्ष#माला#जप
माला नियमजप माला किसी को दिखानी चाहिए या छुपाकर रखें?छुपाएं। गोपनीय ('गुप्त = सिद्ध'), अहंकार (दिखावा = फल नाश), नजर, ऊर्जा (दूसरे छुएं = कम)। गौमुखी + थैली। छुआ = गंगाजल शुद्धि। कंठी ≠ जप माला।#माला#दिखाना#छुपाना