स्तोत्र एवं पाठशनि देव की आरती पढ़ने से लाभशनिवार शाम। शनि कृपा, साढ़ेसाती शमन, बाधा दूर। सरसों तेल दीपक, काले तिल, नीले फूल। 'जय जय श्री शनिदेव...'#शनि#आरती#लाभ
स्तोत्र एवं पाठगायत्री चालीसा पढ़ने के लाभगायत्री माता स्तुति। बुद्धि, पाप नाश, सर्वदोष शमन, मोक्ष। गायत्री मंत्र (वैदिक)=अधिक शक्तिशाली; चालीसा=सरल। सूर्योदय। सार्वभौमिक।#गायत्री चालीसा#लाभ#बुद्धि
स्तोत्र एवं पाठसंकट मोचन हनुमान अष्टक के लाभतुलसीदास; 8 पद। संकट/भय/शत्रु/रोग/ग्रह दोष निवारण। हनुमान चालीसा से छोटा (~5 min)। वाराणसी संकट मोचन मंदिर। मंगलवार/शनिवार।#संकट मोचन#अष्टक#हनुमान
स्तोत्र एवं पाठरुद्र सूक्त पाठ से क्या लाभयजुर्वेद; शिव सर्वोच्च वैदिक स्तुति। पाप नाश, रोग, शत्रु, समृद्धि (चमकम), मोक्ष। रुद्राभिषेक=सर्वोत्तम। शुद्ध उच्चारण अनिवार्य — पंडित से।#रुद्र सूक्त#शिव#यजुर्वेद
स्तोत्र एवं पाठललिता सहस्रनाम पढ़ने के लाभब्रह्मांड पुराण; माता ललिता 1000 नाम। शक्ति, धन, विवाह/दांपत्य, संतान, रोग निवारण, मोक्ष, कुंडलिनी। ~45-60 min पाठ। महिलाओं विशेष। शुक्रवार/नवरात्रि।#ललिता सहस्रनाम#देवी#1000 नाम
स्तोत्र एवं पाठसिद्ध कुंजिका स्तोत्र के चमत्कारी लाभदुर्गा सप्तशती 'कुंजी' (शिव→पार्वती)। सप्तशती पूर्ण फल ~10 min में। सर्वसिद्धि, शत्रु नाश, रोग/भय। नवरात्रि विशेष। सप्तशती न पढ़ सकें→कुंजिका=समान फल।#सिद्ध कुंजिका#देवी#दुर्गा
स्तोत्र एवं पाठनारायण कवच पढ़ने से क्या लाभभागवत 6.8; विष्णु सर्वशक्ति कवच। सर्वरक्षा, शत्रु नाश, अजेय। शास्त्रीय आधार सबसे प्रबल। ~15-20 min। शत्रु/तंत्र=सर्वप्रभावी।#नारायण कवच#विष्णु#भागवत
स्तोत्र एवं पाठशिव कवच पढ़ने से क्या लाभशिव रक्षा कवच। शिव कृपा, भय/शत्रु/रोग/मृत्यु भय/ग्रह दोष निवारण। सोमवार/शिवरात्रि। ~8-10 min। नारायण+देवी+शिव=त्रिदेव कवच।#शिव कवच#शिव#रक्षा
स्तोत्र एवं पाठअर्गला स्तोत्र पढ़ने से क्या लाभसप्तशती दूसरा अंग; देवी शक्ति 'ताला खोलना।' 'रूपं देहि जयं देहि' — धन, यश, सौंदर्य, शत्रु नाश, विजय। कवच→अर्गला→कीलक→सप्तशती क्रम। ~5-7 min।#अर्गला#दुर्गा#सप्तशती