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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — 13772 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13772 प्रश्न

लोक

दशमी श्राद्ध में कलश में किसका आवाहन होता है?

पवित्र नदियों का आवाहन।

कलशनदी आवाहनश्राद्ध
लोक

दशमी श्राद्ध में कौन सा मंत्र बोलते हैं?

पितृ आवाहन और स्वधा मंत्र।

श्राद्ध मंत्रपितृ आवाहनस्वधा
लोक

दशमी श्राद्ध में अपसव्य क्या है?

पितृ कर्म वाला जनेऊ धारण।

अपसव्यजनेऊपितृ कर्म
लोक

दशमी श्राद्ध में जनेऊ कैसे रखें?

जनेऊ दाएँ कंधे पर रखें।

जनेऊअपसव्यश्राद्ध विधि
लोक

दशमी श्राद्ध में दक्षिण दिशा क्यों?

दक्षिण पितरों की दिशा है।

दक्षिण दिशायमराजपितर
लोक

दशमी श्राद्ध सुबह कर सकते हैं क्या?

नहीं, अपराह्न में करना चाहिए।

सुबह श्राद्धपूर्वाह्नदशमी
लोक

दशमी श्राद्ध में अपराह्न काल क्यों जरूरी है?

यह पितृ कर्म का मुख्य समय है।

अपराह्नब्राह्मण भोजनदशमी श्राद्ध
लोक

दशमी श्राद्ध में रौहिण मुहूर्त क्या है?

कुतप के बाद का शुभ श्राद्ध समय।

रौहिण मुहूर्तपिण्डदानतर्पण
लोक

दशमी श्राद्ध में कुतप मुहूर्त क्या है?

श्राद्ध का श्रेष्ठ पितृ काल।

कुतप मुहूर्तदशमीश्राद्ध काल
लोक

दशमी श्राद्ध का सही मुहूर्त कौन सा है?

कुतप, रौहिण और अपराह्न काल।

दशमी मुहूर्तकुतपरौहिण
लोक

श्राद्ध अन्न में बाल या नाखून गिर जाए तो?

ऐसा अन्न अर्पित नहीं करना चाहिए।

अशुद्ध अन्नबालनाखून
लोक

दशमी श्राद्ध में बासी अन्न क्यों वर्जित है?

बासी अन्न श्राद्ध को अपवित्र करता है।

बासी अन्नश्राद्ध निषेधविष्णु पुराण
लोक

दशमी श्राद्ध में कौन सा अन्न वर्जित है?

चना, मसूर, उड़द, कुलथी आदि।

वर्जित अन्नदशमी श्राद्धनिषेध
लोक

पितरों को पायस क्यों प्रिय है?

क्योंकि यह पितृ तृप्ति देता है।

पायसपितृ तृप्तिविष्णु पुराण
लोक

दशमी श्राद्ध में घी और मधु क्यों जरूरी है?

ये पितरों को तृप्त और शीतल करते हैं।

घीमधुपिण्डदान
लोक

दशमी श्राद्ध में खीर क्यों दी जाती है?

पायस पितरों को प्रिय और तृप्तिकर है।

खीरपायसदशमी श्राद्ध
लोक

पितर दशमी श्राद्ध की प्रतीक्षा क्यों करते हैं?

तृप्ति और ऊर्ध्व गति के लिए।

पितृ आकांक्षादशमी श्राद्धपायस
लोक

विष्णु पुराण में पितृ गाथा क्या है?

पितरों की श्राद्ध-आकांक्षा का वर्णन।

विष्णु पुराणपितृ गाथाश्राद्ध
लोक

दशमी श्राद्ध में अश्वमेध जैसा फल मिलता है क्या?

हाँ, गया में विशेष रूप से।

अश्वमेध फलदशमीगया
लोक

दशमी श्राद्ध अश्वमेध यज्ञ के समान क्यों है?

गयाकूप पिण्डदान से अश्वमेध जैसा पुण्य।

अश्वमेधदशमी श्राद्धगयाकूप
लोक

गयाकूप श्लोक का अर्थ क्या है?

गयाकूप पिण्डदान ब्रह्मलोक गति देता है।

गयाकूप श्लोकगरुड़ पुराणब्रह्मलोक
लोक

गया में पुत्र न हो तो कौन पिण्डदान कर सकता है?

कुल का योग्य अन्य व्यक्ति भी।

गया पिण्डदानपुत्र न होअधिकारी
लोक

गयाकूप पिण्डदान से ब्रह्मलोक मिलता है क्या?

हाँ, ब्रह्मलोक गति बताई गई है।

गयाकूपब्रह्मलोकगरुड़ पुराण
लोक

दशमी को गया में कहाँ पिण्डदान करें?

गयाशिर, गयाकूप और मुण्डपृष्ठ पर।

गया पिण्डदानदशमीगयाकूप

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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