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विस्तृत उत्तर
दशमी श्राद्ध में यज्ञोपवीत को अपसव्य अवस्था में, यानी दाएँ कंधे पर रखकर पितृ कर्म किया जाता है।
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दशमी श्राद्ध में यज्ञोपवीत को अपसव्य अवस्था में, यानी दाएँ कंधे पर रखकर पितृ कर्म किया जाता है।
जनेऊ दाएँ कंधे पर रखें।
दशमी श्राद्ध में यज्ञोपवीत को अपसव्य अवस्था में, यानी दाएँ कंधे पर रखकर पितृ कर्म किया जाता है।
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