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गुरु गीता प्रश्नोत्तरी — 2 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित गुरु गीता विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 2 प्रश्न

गुरु तत्व और गुरु कृपा

'ध्यानमूलं गुरोर्मूर्तिः' श्लोक का क्या अर्थ है?

'ध्यानमूलं गुरोर्मूर्तिः...' का अर्थ: ध्यान का मूल = गुरु की मूर्ति; पूजा का मूल = गुरु के चरण; मंत्र का मूल = गुरु का वाक्य; मोक्ष का मूल = केवल गुरु की कृपा।

ध्यानमूलंगुरु गीतामोक्ष मूल
गुरु तत्व और गुरु कृपा

गुरु गीता में गुरु के बारे में क्या कहा गया है?

गुरु गीता (स्कंद पुराण): 'गुरुर्ब्रह्मागुरुर्विष्णुःगुरुर्देवोमहेश्वरः। गुरुःसाक्षात्परब्रह्म...' — गुरु ही ब्रह्मा, विष्णु, महेश और साक्षात परब्रह्म हैं।

गुरु गीतास्कंद पुराणगुरुर्ब्रह्मा

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।