ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

चंद्र ग्रहण — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 2 प्रश्न

🔍
शिव पूजा नियम

शिव की पूजा में ग्रहण काल विशेष रूप से शुभ क्यों माना जाता है?

ग्रहण = ब्रह्मांडीय ऊर्जा संकेंद्रण — जप 100-1000 गुना फल। शिव = राहु-केतु नियंत्रक। महामृत्युंजय जप सर्वोत्तम। ग्रहण स्पर्श→मोक्ष तक जप। ग्रहण बाद स्नान + दान।

ग्रहणसूर्य ग्रहणचंद्र ग्रहण
मंत्र विधि

मंत्र जप में ग्रहण काल का क्या विशेष महत्व है?

ग्रहण जप = लाख गुना फल। अथर्वशीर्ष: 'सूर्यग्रहे जप्त्वा सिद्धमंत्रो भवति।' विधि: स्पर्श→मोक्ष निरंतर जप, स्नान, जल में खड़े। भोजन/शयन वर्जित। सूर्य ग्रहण: गायत्री/आदित्य। चंद्र: शिव मंत्र। गर्भवती: सावधानी। मंत्र सिद्धि का सर्वोत्तम अवसर।

ग्रहणसूर्य ग्रहणचंद्र ग्रहण

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।