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भोजन शुद्धि प्रश्नोत्तरी — 3 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित भोजन शुद्धि विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 3 प्रश्न

ग्रहण विधि

ग्रहण काल में तुलसी का पत्ता भोजन में क्यों रखते हैं?

तुलसी ग्रहण: पवित्रतम, राहु निष्क्रिय। वैज्ञानिक: एंटीबैक्टीरियल (यूजेनॉल), प्राकृतिक preservative। दूध-दही-पानी सबमें। सूतक से पहले डालें, ग्रहण में न तोड़ें।

तुलसीग्रहणभोजन शुद्धि
ग्रहण विधि

ग्रहण के बाद तुलसी के पत्ते भोजन में क्यों डालते हैं?

तुलसी ग्रहण में: धार्मिक — तुलसी सर्वाधिक पवित्र, अशुद्धि प्रवेश नहीं करती, अन्नशोधक। वैज्ञानिक — जीवाणुनाशक (यूजेनॉल), एंटीऑक्सीडेंट, प्राकृतिक परिरक्षक। विधि: सूतक से पहले सभी खाद्य पदार्थों में तुलसी डालें।

तुलसी ग्रहणभोजन शुद्धिजीवाणुनाशक
पूजा विधि एवं कर्मकांड

भोजन शुद्धि का मंत्र कौन सा है?

भोजन शुद्धि का मुख्य मंत्र है — 'ब्रह्मार्पणं ब्रह्महविर्ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणा हुतम्' (गीता 4.24), जिसका अर्थ है कि भोजन और भोजन-क्रिया सब ब्रह्म-स्वरूप हैं। इसके साथ 'ॐ सह नाववतु...' शांति मंत्र भी पढ़ा जाता है। इस प्रकार अन्न को ईश्वर को समर्पित करके प्रसाद रूप में ग्रहण करने की परम्परा है।

भोजन मंत्रभोजन शुद्धिअन्न मंत्र

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।