ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

मंदिर दिशा — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 1 प्रश्न

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मंदिर वास्तु

मंदिर का निर्माण किस दिशा में होना चाहिए?

प्रवेश: पूर्व (सर्वश्रेष्ठ) — सूर्य किरण गर्भगृह तक। गर्भगृह: पश्चिम। घर: ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) = ईश्वर का स्थान। पूजा मुख: पूर्व/उत्तर। भूमि: आयताकार/वर्गाकार। जलाशय: उत्तर/पूर्व। शौचालय/सीढ़ी/बेडरूम/किचन के पास = वर्जित।

मंदिर दिशावास्तुईशान कोण

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।