ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

मधु — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 2 प्रश्न

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शिव पूजा विधि

शिवलिंग पर शहद चढ़ाने की विधि और उसका फल क्या है?

शहद पंचामृत अभिषेक का प्रमुख अंग। विधि: पहले जल से स्नान → शहद की धारा → 'ॐ नमः शिवाय' जप → पुनः जल अभिषेक। फल: दरिद्रता नाश, रोग निवारण, वाणी में मधुरता, ग्रह दोष शांति, मानसिक शांति। शुद्ध प्राकृतिक शहद ही प्रयोग करें। शिवलिंग का चढ़ावा ग्रहण न करें।

शहदमधुशिवलिंग
शिव पूजा

शिवलिंग पर शहद चढ़ाने का महत्व क्या है?

शहद चढ़ाने का महत्त्व: शिव पुराण — 'मध्वभिषेकात् वाक्-सिद्धिः।' वाणी में शक्ति और मधुरता। सौंदर्य-वृद्धि (लिंग पुराण)। बुध-ग्रह दोष शांति। प्राकृतिक शहद उपयोग करें। अभिषेक के बाद जल से धोएँ। दूध के साथ न मिलाएँ।

शिवलिंगशहदमधु

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।