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स्वर्ण दान — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 1 प्रश्न

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मंदिर दान

मंदिर में स्वर्ण दान करने का क्या विधान है?

स्वर्ण दान: महादान ('हिरण्यदानं परं')। प्रकार: देवता आभूषण (मुकुट/हार), हुंडी में, स्वर्ण मूर्ति। विधि: संकल्प (नाम+गोत्र) → पुजारी/हुंडी → रसीद अवश्य। फल: सूर्यलोक, दीर्घायु, यश, पापनाश। सावधानी: शुद्ध स्वर्ण, हृदय से (दिखावा नहीं), सामर्थ्यानुसार। 80G = कर लाभ।

स्वर्ण दानसोना दानहिरण्यदान

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।