अथर्ववेद में जल शुद्धिकरण का वर्णन कैसे है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
अथर्ववेद में जल को देवी स्वरूप और रोगनाशक माना। शुद्धि विधियाँ: उबालना, सूर्यप्रकाश, तुलसी, ताँबे का पात्र, कुश घास — इन सभी के पीछे आधुनिक विज्ञान ने एंटीमाइक्रोबियल गुण सिद्ध किए हैं।
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भारतीय विज्ञान एवं गणित
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