अर्जुन उवाच | मदनुग्रहाय परमं गुह्यमध्यात्मसंज्ञितम् | यत्त्वयोक्तं वचस्तेन मोहोऽयं विगतो मम
अर्थ: अर्जुन बोले -- केवल मेरेपर कृपा करनेके लिये ही आपने जो परम गोपनीय अध्यात्मतत्तव जाननेका वचन कहा, उससे मेरा यह मोह नष्ट हो गया है।
विश्वरूप दर्शन योग · Vishwarupa Darshana Yoga
एवमेतद्यथात्थ त्वमात्मानं परमेश्वर | द्रष्टुमिच्छामि ते रूपमैश्वरं पुरुषोत्तम
हे पुरुषोत्तम ! आप अपने-आपको जैसा कहते हैं, यह वास्तवमें ऐसा ही है। हे परमेश्वर ! आपके ईश्वर-सम्बन्धी रूपको मैं देखना चाहता हूँ।
हे पुरुषोत्तम ! आप अपने-आपको जैसा कहते हैं, यह वास्तवमें ऐसा ही है। हे परमेश्वर ! आपके ईश्वर-सम्बन्धी रूपको मैं देखना चाहता हूँ।
(Now) O Supreme Lord, as Thou hast thus described Thyself, O Supreme Person, I wish to see Thy divine form.
(Now) O Supreme Lord, as Thou hast thus described Thyself, O Supreme Person, I wish to see Thy divine form.
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