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श्रीमद्भगवद्गीता · विश्वरूप दर्शन योग

श्लोक 7

विश्वरूप दर्शन योग · Vishwarupa Darshana Yoga

मूल पाठ

इहैकस्थं जगत्कृत्स्नं पश्याद्य सचराचरम् | मम देहे गुडाकेश यच्चान्यद्द्रष्टुमिच्छसि

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे नींदको जीतनेवाले अर्जुन! मेरे इस शरीरके एक देशमें चराचरसहित सम्पूर्ण जगत् को अभी देख ले। इसके सिवाय तू और भी जो कुछ देखना चाहता है, वह भी देख ले।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

हे नींदको जीतनेवाले अर्जुन! मेरे इस शरीरके एक देशमें चराचरसहित सम्पूर्ण जगत् को अभी देख ले। इसके सिवाय तू और भी जो कुछ देखना चाहता है, वह भी देख ले।

English Meaning

Now behold, O Arjuna, in this, My body, the whole universe centred in one including the moving and the unmoving and whatever else thou desirest to see.

Now behold, O Arjuna, in this, My body, the whole universe centred in one including the moving and the unmoving and whatever else thou desirest to see.

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