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श्रीमद्भगवद्गीता · विश्वरूप दर्शन योग

श्लोक 9

विश्वरूप दर्शन योग · Vishwarupa Darshana Yoga

मूल पाठ

सञ्जय उवाच | एवमुक्त्वा ततो राजन्महायोगेश्वरो हरिः | दर्शयामास पार्थाय परमं रूपमैश्वरम्

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

सञ्जय बोले -- हे राजन् ! ऐसा कहकर फिर महायोगेश्वर भगवान् श्रीकृष्णने अर्जुनको परम ऐश्वर-रूप दिखाया।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

सञ्जय बोले -- हे राजन् ! ऐसा कहकर फिर महायोगेश्वर भगवान् श्रीकृष्णने अर्जुनको परम ऐश्वर-रूप दिखाया।

English Meaning

Sanjaya said Having thus spoken, O king, the great Lord of Yoga, hari (Krishna), showed to Arjuna His supreme form as the Lord.

Sanjaya said Having thus spoken, O king, the great Lord of Yoga, hari (Krishna), showed to Arjuna His supreme form as the Lord.

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