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श्रीमद्भगवद्गीता · पुरुषोत्तम योग

श्लोक 6

पुरुषोत्तम योग · Purushottama Yoga

मूल पाठ

न तद्भासयते सूर्यो न शशाङ्को न पावकः | यद्गत्वा न निवर्तन्ते तद्धाम परमं मम

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

उस-(परमपद-) को न सूर्य, न चन्द्र और न अग्नि ही प्रकाशित कर सकती है; और जिसको प्राप्त होकर जीव लौटकर (संसारमें) नहीं आते, वही मेरा परमधाम है।

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विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

उस-(परमपद-) को न सूर्य, न चन्द्र और न अग्नि ही प्रकाशित कर सकती है; और जिसको प्राप्त होकर जीव लौटकर (संसारमें) नहीं आते, वही मेरा परमधाम है।

English Meaning

Neither doth the sun illumine there nor the moon, nor the fire; having gone thither they return not; that is My supreme abode.

Neither doth the sun illumine there nor the moon, nor the fire; having gone thither they return not; that is My supreme abode.

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