ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · अरण्य काण्ड

अरण्य काण्ड चौपाई 2

अरण्य काण्ड · Aranya Kaand

मूल पाठ

निकाम श्याम सुंदरं। भवांबुनाथ मंदरं॥ प्रफुल्ल कंज लोचनं। मदादि दोष मोचनं॥2॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

आप नितान्त सुंदर श्याम, संसार (आवागमन) रूपी समुद्र को मथने के लिए मंदराचल रूप, फूले हुए कमल के समान नेत्रों वाले और मद आदि दोषों से छुड़ाने वाले हैं॥2॥

आगे पढ़ें — अरण्य काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस