ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
यवतमाल · महाराष्ट्र

यवतमाल शुभ मुहूर्त 8 अगस्त 2026, शनिवार

महाराष्ट्र

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
18:51
चंद्रोदय
00:50
← पिछला दिनआजअगला दिन →

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
ध्यान, पूजा व अध्ययन के लिए सर्वोत्तम
04:26 — 05:11
अभिजित मुहूर्त
दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ काल
11:57 — 12:49

अशुभ काल

राहु काल
नए कार्य न करें
09:09 — 10:46
यमगंड काल
महत्वपूर्ण कार्य टालें
14:00 — 15:37
गुलिक काल
गुलिक प्रभाव का काल
05:55 — 07:32

पंचांग सारांश

तिथि
कृष्ण दशमी
नक्षत्र
रोहिणी (3 पाद)
योग
ध्रुव
करण
विष्टि
वार
शनिवार
चंद्र राशि
वृषभ

यवतमाल में 8 अगस्त 2026, शनिवार का शुभ मुहूर्त

यवतमाल (महाराष्ट्र) में शुभ मुहूर्त जानना हर शुभ कार्य के लिए आवश्यक है। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से 96 मिनट पहले शुरू होता है — यह ध्यान, पूजा और अध्ययन के लिए सर्वोत्तम है।

अभिजित मुहूर्त दोपहर के समय लगभग 48 मिनट का होता है और किसी भी शुभ कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

समय को संदर्भ सहित देखें

यवतमाल में 8 अगस्त 2026, शनिवार के मुहूर्त को सही तरह से कैसे पढ़ें

यवतमाल में 8 अगस्त 2026, शनिवार का यह पेज केवल एक शुभ स्लॉट दिखाने के लिए नहीं है; इसका सही उपयोग तब होता है जब आप ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त और साथ वाले अशुभ काल को एक ही निर्णय का हिस्सा बनाते हैं।

अगर कार्य बहुत महत्वपूर्ण है, तो सिर्फ अभिजीत या ब्रह्म मुहूर्त देखकर निर्णय न लें। उसी दिन की तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त का फर्क भी साथ देखना चाहिए।

10 अन्य शहरों के लिंक इसलिए उपयोगी हैं क्योंकि मुहूर्त समय स्थान बदलने पर बदल सकता है। यात्रा, विवाह या पूजा का शहर अलग हो तो उसी शहर का समय प्राथमिक मानें।

ध्यान, जप और अध्ययन जैसे कार्यों के लिए ब्रह्म मुहूर्त को प्राथमिकता दें।

नया काम, यात्रा या लेन-देन शुरू करना हो तो पहले राहुकाल और यमगंड से टकराव देखें।

विवाह, गृहप्रवेश या संस्कार जैसे काम के लिए पंचांग, तिथि और नक्षत्र भी साथ मिलाकर देखें।

यवतमाल आज का मुहूर्तयवतमाल राहुकालयवतमाल पंचांग

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यवतमाल में 8 अगस्त 2026, शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त कब होता है?

यवतमाल में ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से 96 मिनट पहले शुरू होकर 48 मिनट चलता है। यह ध्यान और साधना के लिए सर्वोत्तम है।

यवतमाल में 8 अगस्त 2026, शनिवार को अभिजित मुहूर्त कब है?

अभिजित मुहूर्त यवतमाल में दोपहर 12 बजे के आस-पास लगभग 48 मिनट का होता है। कोई भी शुभ कार्य इस समय शुरू करना उत्तम है।

राहु काल और मुहूर्त में क्या अंतर है?

राहु काल अशुभ काल है जिसमें नए काम शुरू न करें। शुभ मुहूर्त जैसे ब्रह्म मुहूर्त और अभिजित मुहूर्त सकारात्मक समय हैं।

अभिजित मुहूर्त में कौन से कार्य शुभ हैं?

अभिजित मुहूर्त में गृह प्रवेश, विवाह, व्यापार शुरू करना, नई वस्तु खरीदना, यात्रा प्रारंभ करना सभी शुभ माने जाते हैं।

अन्य शहरों में शुभ मुहूर्त — 8 अगस्त 2026, शनिवार

दिल्लीमुंबईकोलकाताचेन्नईबेंगलुरुहैदराबादअहमदाबादपुणेजयपुरलखनऊ
पंचांगआज की तिथिआज का नक्षत्रराहु कालचौघड़ियाआज का शुभ मुहूर्त