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24 मार्च 2026

24 मार्च 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

24 मार्च 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल षष्ठी
नक्षत्र
रोहिणी
योग
प्रीति
करण
तैतिल
वार
मंगलवार
हिन्दू मास
चैत्र
ऋतु
वसन्त
सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
18:34

आज के पर्व

छठ

24 मार्च 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में पूजा का क्या अंतर है?

चैत्र: वसंत, नववर्ष, सौम्य देवी, राम नवमी। शारदीय: शरद, उग्र देवी, दशहरा/रावण दहन, बंगाल दुर्गा पूजा। पूजा विधि समान — घटस्थापना, 9 दिन, सप्तशती।

मंगलवार को लाल कपड़ा बांधने से क्या लाभ होता है?

मंगलवार मंगल ग्रह और हनुमान जी का दिन है। लाल कपड़ा बाँधने/पहनने से मंगल दोष शांति, साहस वृद्धि, हनुमान कृपा और बुरी शक्तियों से रक्षा होती है। हनुमान जी को लाल चोला चढ़ाना विशेष शुभ है।

हनुमान अष्टक पाठ का सही समय

हनुमान अष्टक का पाठ संध्या काल या रात्रि के समय करना सर्वाधिक प्रभावशाली होता है। संकट के समय मंगलवार या शनिवार की रात इसका पाठ अचूक फल देता है।

मंगलवार को हनुमान जी की पूजा कैसे करें?

स्नान→लाल/केसरिया वस्त्र→दीपक (सरसों तेल)→सिंदूर+तेल→केसरिया चोला→गुड़-चने भोग→हनुमान चालीसा (1-7 बार)→बजरंग बाण→आरती→प्रसाद। 'ॐ हं हनुमते नमः' 108 बार। मांसाहार वर्जित।

माँ तारा की साधना कब करनी चाहिए?

तारा साधना का शुभ काल: माघ गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन (विशेष शुभ)। अर्धरात्रि = श्रेष्ठ फलदायी। किसी भी शुभ दिन, मंगलवार या शुक्ल पक्ष पंचमी से प्रारंभ।

व्यापार वृद्धि के लिए बटुक भैरव साधना कैसे करें?

व्यापार वृद्धि के लिए: हर मंगलवार संकल्प पूर्वक कुत्तों को लड्डू खिलाएं, बटुक भैरव यंत्र स्थापित करें और नित्य एक माला जाप करें।

कुत्तों को लड्डू खिलाने से क्या होता है?

भैरव का वाहन श्वान (कुत्ता) है — हर मंगलवार को लड्डू कुत्तों को खिलाने से भैरव की कृपा और व्यापार वृद्धि होती है।

बटुक भैरव साधना किस दिन शुरू करनी चाहिए?

बटुक भैरव साधना किसी भी मंगलवार या कालाष्टमी (मंगल विशेष अष्टमी) के दिन शुरू करनी चाहिए।

शिव वास भोजन में होने पर क्या होता है?

शिव वास भोजन में होने पर (षष्ठी, त्रयोदशी) शिव का ध्यान अन्यत्र होता है जिससे सकाम कर्म का फल प्राप्ति कठिन होती है — इन तिथियों को त्याज्य माना गया है।

अंगारकी संकष्टी चतुर्थी क्या होती है?

मंगलवार के दिन पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को 'अंगारकी चतुर्थी' कहते हैं। यह व्रत 108 संकष्टी व्रतों के बराबर फल देता है और मंगल दोष व कर्ज से मुक्ति दिलाता है।

मंगल शांति मंगलवार उपाय

मंगलवार: हनुमान चालीसा+'ॐ अं अंगारकाय नमः' 108+लाल+सिंदूर+चमेली तेल+लड्डू+सुंदरकांड+लाल दान।

मंगलवार हनुमान पूजा मंगल दोष में कैसे सहायक

हनुमान=मंगल अधिपति → मंगलवार=हनुमान दिवस। पूजा=मंगल नकारात्मकता शमन। सिंदूर+चमेली तेल+चालीसा+लड्डू। विवाह बाधा, शत्रु, कानून=लाभ।

मंगलवार को मांसाहार खाना चाहिए या नहीं

मंगलवार मांसाहार वर्जित (लोक परंपरा) — हनुमान जी का दिन, सात्विकता। अन्य: गुरुवार, शनिवार, एकादशी, नवरात्रि। यह कुल परंपरा/आस्था आधारित — वैदिक ग्रंथों में विशिष्ट दिन का निषेध स्पष्ट नहीं।

मंगलवार को लाल रंग पहनने से क्या लाभ

मंगलवार-लाल = मंगल दोष शमन, साहस/ऊर्जा, हनुमान कृपा, विजय, आत्मविश्वास। हनुमान को लाल प्रिय। मनोविज्ञान: लाल = confidence। ज्योतिष परंपरा।

मंगलवार शनिवार को बाल कटवाना चाहिए या नहीं

लोक मान्यता: मंगलवार/शनिवार/गुरुवार बाल कटवाना अशुभ। शुभ: सोमवार/बुधवार/शुक्रवार। किसी शास्त्रीय ग्रंथ में उल्लेख नहीं — पूर्णतः लोक परंपरा। आवश्यकता अनुसार कटवा सकते हैं।

छठ पूजा में सूप में कौन कौन सी सामग्री रखें?

सूप सामग्री: ठेकुआ, केला, नारियल, गन्ना, सुथनी, सीताफल, नींबू, सेब, अदरक, हल्दी, चावल, पान-सुपारी, सिन्दूर, दीपक, कलावा। बाँस सूप (प्लास्टिक नहीं)। नया, शुद्ध, ताजा। सिर पर उठाकर अर्घ्य।

छठ पूजा में ठेकुआ का क्या विशेष महत्व है?

ठेकुआ: शुद्धतम प्रसाद (गेहूँ+गुड़+घी, सात्त्विक), अन्न कृतज्ञता (सूर्य=फसल पकाते), टिकाऊ (4 दिन व्रत), सम्पूर्ण सूर्य ऊर्जा प्रसाद, व्रती स्वयं बनाती (श्रम+भक्ति)। बाजार का नहीं।

पापमोचनी एकादशी का क्या महत्व है

पापमोचनी एकादशी: चैत्र कृष्ण एकादशी = सर्वपापनाशिनी। जो पाप अन्य उपायों से न मिटें, वे भी नष्ट। कथा: मेधावी मुनि तपोभ्रष्ट → व्रत से मुक्ति। विष्णु पूजा + जप + कथा + जागरण। होली बाद प्रायश्चित भी। पद्मपुराण में माहात्म्य।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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