विस्तृत उत्तर
जब शिव वास भोजन में हो (षष्ठी और त्रयोदशी तिथि पर दोनों पक्षों में), तो सकाम कर्म वर्जित माने जाते हैं।
इन तिथियों पर शिव के भोजन में व्यस्त होने के कारण फल प्राप्ति कठिन होती है, क्योंकि इन स्थानों पर शिव का ध्यान भौतिक कामनाओं को पूर्ण करने के बजाय अन्य तत्वों पर केंद्रित होता है।
इसलिए सकाम रुद्राभिषेक के लिए इन तिथियों को त्याज्य माना गया है।



