ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

त्रयोदशी — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 3 प्रश्न

🔍
व्रत

प्रदोष व्रत कैसे रखें शिव पूजा विधि सहित

प्रदोष: त्रयोदशी (दोनों पक्ष)। दिनभर उपवास → प्रदोष काल (सूर्यास्त + ~2.5 घंटे) में शिवलिंग अभिषेक + बिल्वपत्र + 'ॐ नमः शिवाय' 108 बार। सोम प्रदोष = अत्यन्त शुभ, शनि प्रदोष = शनि दोष निवारण। शिव पुराण में माहात्म्य।

प्रदोषशिवत्रयोदशी
शिव पर्व

सोम प्रदोष और शनि प्रदोष में शिव पूजा कैसे अलग होती है?

सोम प्रदोष: सर्वश्रेष्ठ — दूध अभिषेक, चंद्र दोष शांति, मनोकामना, दाम्पत्य सुख। शनि प्रदोष: शनि दोष निवारण — तिल तेल दीपक, सरसों तेल अभिषेक, साढ़ेसाती/ढैय्या मुक्ति। दोनों में प्रदोष काल (संध्या) पूजा समान।

सोम प्रदोषशनि प्रदोषत्रयोदशी
शिव पर्व

प्रदोष काल में शिव पूजा की विशेष विधि क्या है?

प्रदोष काल = सूर्यास्त के आसपास 2.5 घंटे — शिव तांडव करते हैं (स्कन्द पुराण)। त्रयोदशी का प्रदोष विशेष। विधि: जलाभिषेक → पंचामृत → बेलपत्र → 108 जप → स्तोत्र पाठ → कर्पूर आरती। व्रत सूर्योदय-सूर्यास्त, प्रदोष पूजा के बाद खोलें।

प्रदोषत्रयोदशीसंध्या

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।