विस्तृत उत्तर
शिव वास की गणना तिथि के आधार पर की जाती है। यह वह स्थिति है जो बताती है कि भगवान शिव किसी विशेष तिथि पर कहाँ निवास कर रहे हैं।
सकाम रुद्राभिषेक के लिए शिव वास का विचार करना अनिवार्य है। शास्त्रीय विधानों के अनुसार, अनुष्ठान की प्रभावशीलता भगवान शिव की तात्कालिक उपस्थिति (शिव वास) से जुड़ी होती है।
जब शिव माता गौरी के साथ या कैलाश पर्वत पर निवास करते हों, तभी रुद्राभिषेक मनोकामना सिद्धि, सुख-समृद्धि और आनंद की वृद्धि प्रदान करता है।





