विस्तृत उत्तर
निम्नलिखित तिथियों पर सकाम रुद्राभिषेक वर्जित या अशुभ है:
पूर्णतः वर्जित (श्मशान वास): सप्तमी (7) और चतुर्दशी (14) — दोनों पक्षों में। इन तिथियों पर शिव श्मशान में होते हैं जो कामना पूर्ति के लिए फलदायी नहीं है, बल्कि संकटकारी हो सकता है।
त्याज्य (भोजन वास): षष्ठी (6) और त्रयोदशी (13) — दोनों पक्षों में। इन तिथियों पर शिव भोजन में व्यस्त होने के कारण फल प्राप्ति कठिन होती है।
मध्यम: तृतीया (3) और दशमी (10) — विशेष कामना हेतु इन्हें टाला जाना चाहिए।





