ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
3 अगस्त 2026

3 अगस्त 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

3 अगस्त 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण पंचमी
नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद
योग
सुकर्मा
करण
कौलव
वार
सोमवार
हिन्दू मास
श्रावण
ऋतु
वर्षा
सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
19:11

3 अगस्त 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

श्रावण मास में प्रतिदिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने का नियम क्या है?

प्रातःकाल सर्वोत्तम। गंगाजल श्रेष्ठ, शुद्ध जल भी स्वीकार्य। तांबे/कांसे/मिट्टी के लोटे से (शंख वर्जित)। 'ॐ नमः शिवाय' जपते हुए। जलाधारी उत्तर दिशा। शिव पुराण: 'जलेन वृष्टिमाप्नोति' = धन प्राप्ति। केवल सोमवार नहीं, प्रतिदिन चढ़ाएं। निर्माल्य जल ग्रहण न करें।

चंद्र देव की पूजा कैसे करें?

सोमवार शाम/रात, चंद्र दर्शन, सफ़ेद फूल+दूध। 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे' 108। चावल/दूध/चांदी दान। पूर्णिमा सर्वोत्तम। मोती(ज्योतिषी)। शांति/नींद/माता सुख।

अविवाहित लड़की सोमवार व्रत रख सकती क्या?

हाँ — विशेष शुभ। 16 सोमवार=अच्छा वर। पार्वती ने शिव हेतु व्रत किया। श्रावण सोमवार विशेष। शिवलिंग स्पर्श=परंपरा भिन्न (शास्त्रीय निषेध नहीं)। शिव=अर्धनारीश्वर।

श्रावण मास में शिव मंत्र जप का अनुष्ठान कैसे करें?

संकल्प → सवा लाख (1,25,000) या यथाशक्ति → दैनिक ÷30 → ब्रह्ममुहूर्त/प्रदोष → रुद्राक्ष माला → सात्विक नियम → समापन: हवन+दान। सरल: 108/दिन पूरे सावन = ~3,240। 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय।

सोमवार को कौन से काम शुभ?

सोमवार=चंद्र। शिव पूजा, यात्रा, नया कार्य, दूध/चांदी/मोती खरीद, गृहप्रवेश, शिक्षा, चिकित्सा। शत्रु/आक्रामक कार्य वर्जित।

पंचमी और चतुर्दशी श्राद्ध में क्या अंतर है?

पंचमी अविवाहित मृत्यु के लिए, चतुर्दशी अकाल मृत्यु के लिए है।

उपनयन के बाद बाल मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

उपनयन के बाद बाल मृत्यु का श्राद्ध पंचमी को करें।

अज्ञात तिथि वाले अविवाहित का श्राद्ध कब करें?

अज्ञात तिथि वाले अविवाहित का श्राद्ध पंचमी को करें।

अविवाहित बहन का श्राद्ध कब करें?

अविवाहित बहन का श्राद्ध पंचमी को करें।

अविवाहित भाई का श्राद्ध कब करें?

अविवाहित भाई का श्राद्ध पंचमी को करें।

कुँवारी लड़की का श्राद्ध कब करें?

कुँवारी लड़की का श्राद्ध पंचमी को किया जाता है।

कुँवारे लड़के का श्राद्ध कब करें?

कुँवारे लड़के का श्राद्ध पंचमी को करें।

अविवाहित का श्राद्ध कब करें?

अविवाहित दिवंगत का श्राद्ध पंचमी को करें।

बच्चे की मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?

अविवाहित या बाल्यावस्था में मृत बच्चों का श्राद्ध शास्त्रों के अनुसार पंचमी (भरणी पंचमी) या त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। दोनों तिथियाँ शास्त्रों में निर्धारित हैं और कुलाचार के अनुसार इनमें से किसी एक का चयन किया जा सकता है। यह विशेष कोटि के मृतकों के लिए है।

माँ मातंगी की साधना कब करनी चाहिए?

मातंगी साधना का समय: उच्छिष्ट मातंगी = सोमवार, रात्रि 9 बजे के बाद। राज मातंगी = रात्रि 10 बजे के बाद या ब्रह्म मुहूर्त। सामान्य मातंगी साधना = रात्रि 9 बजे के बाद।

श्री रुद्र मंत्र साधना कब शुरू करनी चाहिए?

श्री रुद्र मंत्र साधना सोमवार, प्रदोष या शिवरात्रि से प्रारंभ की जा सकती है।

चन्द्रदोष निवारण के लिए चन्द्रशेखराष्टकम् कब पढ़ें?

चन्द्रदोष निवारण के लिए सोमवार प्रदोष काल, पूर्णिमा, महाशिवरात्रि और श्रावण सोमवार पर चन्द्रशेखराष्टकम् का पाठ विशेष फलदायी है।

चन्द्रशेखराष्टकम् पाठ के लिए कौन सा दिन शुभ है?

सोमवार चन्द्रशेखराष्टकम् पाठ के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन है — यह चन्द्रमा और शिव दोनों का दिन है। पूर्णिमा और महाशिवरात्रि पर भी विशेष फल मिलता है।

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होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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