ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
26 अगस्त 2026

26 अगस्त 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

26 अगस्त 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
नक्षत्र
श्रवण
योग
सौभाग्य
करण
तैतिल
वार
बुधवार
हिन्दू मास
श्रावण
ऋतु
वर्षा
सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
18:49

26 अगस्त 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

बुधवार को कौन से काम शुभ?

बुधवार=बुध(बुद्धि/व्यापार)। सभी कार्य शुभ — व्यापार, दुकान, बैंक, शिक्षा, लेखन, संचार, गृहप्रवेश। कोई विशेष वर्जना नहीं।

गणेश चालीसा पढ़ने की विधि और नियम क्या हैं?

विधि: स्नान → पूर्व/उत्तर मुख → दीपक → सिंदूर, दूर्वा, मोदक → 'ॐ गं गणपतये नमः' 3 बार → चालीसा → आरती। बुधवार/चतुर्थी विशेष। तुलसी वर्जित। 21/40 दिन निरंतर = विशेष फल। फल: विघ्न नाश, बुद्धि, सफलता।

श्रावण मास में प्रतिदिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने का नियम क्या है?

प्रातःकाल सर्वोत्तम। गंगाजल श्रेष्ठ, शुद्ध जल भी स्वीकार्य। तांबे/कांसे/मिट्टी के लोटे से (शंख वर्जित)। 'ॐ नमः शिवाय' जपते हुए। जलाधारी उत्तर दिशा। शिव पुराण: 'जलेन वृष्टिमाप्नोति' = धन प्राप्ति। केवल सोमवार नहीं, प्रतिदिन चढ़ाएं। निर्माल्य जल ग्रहण न करें।

बुधवार को गणेश पूजा करने का क्या विशेष विधान है?

बुधवार = बुद्धि दिवस, गणेश = बुद्धि देवता। विधान: पंचामृत अभिषेक, सिंदूर, 21 दूर्वा, मोदक, 108 जप, अथर्वशीर्ष/चालीसा, हरे मूंग प्रसाद। 21 बुधवार व्रत = मनोकामना पूर्ति। फल: बुद्धि, वाक्शक्ति, व्यापार लाभ, बुध शांति।

श्रावण मास में शिव मंत्र जप का अनुष्ठान कैसे करें?

संकल्प → सवा लाख (1,25,000) या यथाशक्ति → दैनिक ÷30 → ब्रह्ममुहूर्त/प्रदोष → रुद्राक्ष माला → सात्विक नियम → समापन: हवन+दान। सरल: 108/दिन पूरे सावन = ~3,240। 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय।

त्रयोदशी श्राद्ध में गया का क्या महत्व है?

यह गया श्राद्ध जैसा फल देता है।

त्रयोदशी श्राद्ध से पितर कब तक तृप्त रहते हैं?

अनन्त काल तक तृप्ति बताई गई है।

महालय में पुत्रवता निषेध लागू होता है क्या?

नहीं, महालय में लागू नहीं।

पुत्रवान के लिए त्रयोदशी श्राद्ध कब वर्जित है?

सामान्य काम्य श्राद्ध में।

पुत्रवता निषेध क्या है?

पुत्रवान के सामान्य काम्य श्राद्ध का निषेध।

त्रयोदशी श्राद्ध में पंचबलि क्या है?

पांच अंशों को अन्न अर्पण।

त्रयोदशी श्राद्ध में देव तर्पण कैसे करें?

पूर्वमुख होकर।

त्रयोदशी श्राद्ध में उपवास क्यों?

शुद्धता और संयम के लिए।

त्रयोदशी श्राद्ध शाम को कर सकते हैं क्या?

नहीं, शाम को श्राद्ध वर्जित है।

त्रयोदशी श्राद्ध सुबह कर सकते हैं क्या?

नहीं, अपराह्न काल श्रेष्ठ है।

त्रयोदशी श्राद्ध में रोहिण मुहूर्त क्या है?

कुतप के बाद का शुभ श्राद्ध काल।

त्रयोदशी श्राद्ध में कुतप मुहूर्त क्या है?

श्राद्ध का श्रेष्ठ पितृ काल।

त्रयोदशी श्राद्ध में योगी को भोजन कराने का फल क्या है?

हजार ब्राह्मण भोजन से भी श्रेष्ठ।

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पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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