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20 अक्टूबर 2026

20 अक्टूबर 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

20 अक्टूबर 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल नवमी
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शरद
सूर्योदय
06:25
सूर्यास्त
17:47

आज के पर्व

दुर्गादशहरा

20 अक्टूबर 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

दुर्गा सप्तशती के निर्वाण मंत्र की साधना

यह 'नवार्ण' (9 अक्षरों का) मंत्र है: 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे'। इसमें सरस्वती, लक्ष्मी और काली तीनों की शक्ति है। इसका जप जीवन के सभी दुःखों और शत्रुओं का पूर्ण नाश करता है।

दुर्गा पूजा में सप्तमी अष्टमी नवमी का क्या विशेष महत्व है?

सप्तमी: नबपत्रिका, प्राण प्रतिष्ठा, नेत्रोन्मीलन। अष्टमी: संधि पूजा (108 दीपक), कुमारी पूजा = सर्वशक्तिशाली। नवमी: हवन/पूर्णाहुति, कन्या पूजन, वरदान।

नवरात्रि में कन्या पूजन की विधि और कितनी कन्याओं की पूजा करें?

9 कन्या सर्वोत्तम (नवदुर्गा)। 7/5/2+1/1 भी मान्य। आयु 2-10 वर्ष। विधि: चरण धोएं → तिलक → चुनरी+श्रृंगार → हलवा-पूरी-चना+खीर → दक्षिणा → प्रणाम। अष्टमी/नवमी।

दुर्गा मां की स्तुति में सबसे शक्तिशाली स्तोत्र कौन सा है?

1. दुर्गा सप्तशती (सर्वशक्तिमान)। 2. सिद्ध कुंजिका (सरलतम = सप्तशती फल)। 3. महिषासुर मर्दिनी (लोकप्रिय)। 4. 'या देवी सर्वभूतेषु...'। 5. अपराधक्षमापन। 6. चालीसा (दैनिक)।

मंगलवार को लाल कपड़ा बांधने से क्या लाभ होता है?

मंगलवार मंगल ग्रह और हनुमान जी का दिन है। लाल कपड़ा बाँधने/पहनने से मंगल दोष शांति, साहस वृद्धि, हनुमान कृपा और बुरी शक्तियों से रक्षा होती है। हनुमान जी को लाल चोला चढ़ाना विशेष शुभ है।

दुर्गा आरती जय अम्बे गौरी का महत्व?

दुर्गा सबसे लोकप्रिय। शक्ति, शत्रु नाश, भय दूर, सौभाग्य। 'मनवांछित फल पावै'। नवरात्रि अनिवार्य, शुक्र/मंगल।

नवार्ण मंत्र सिद्ध करने का तरीका

नवार्ण मंत्र ('ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे') को सिद्ध करने के लिए नवरात्रि के नौ दिनों में पूर्ण ब्रह्मचर्य के साथ लाल आसन पर सवा लाख जप कर अंत में दशांश हवन करना चाहिए।

हनुमान अष्टक पाठ का सही समय

हनुमान अष्टक का पाठ संध्या काल या रात्रि के समय करना सर्वाधिक प्रभावशाली होता है। संकट के समय मंगलवार या शनिवार की रात इसका पाठ अचूक फल देता है।

दुर्गा विसर्जन की विधि क्या है और किस दिन करें?

विजयादशमी (दशमी)। अंतिम पूजा → क्षमा → सिंदूर खेला (बंगाल) → 'या देवी सर्वभूतेषु...' → शोभायात्रा → जल विसर्जन। 'अगले वर्ष फिर आना।' मिट्टी प्रतिमा = इको-फ्रेंडली।

दुर्गा मां के 108 नामों का जप कैसे करें?

'ॐ [नाम]ायै नमः' — 108 नाम, प्रत्येक पर लाल पुष्प अर्पित। लाल वस्त्र, कुमकुम, घी दीपक। 15-20 मिनट। नवरात्रि/मंगलवार/शुक्रवार।

देवी की पूजा में अष्टमी और नवमी का क्या विशेष महत्व है?

अष्टमी: देवी शक्ति सर्वोच्च, संधि पूजा, हवन, रक्तबीज वध। नवमी: कन्या पूजन (9=9 देवी), पूर्णाहुति, वरदान अध्याय। दोनों = नवरात्रि चरमोत्कर्ष — 2 दिन = 9 दिन फल।

मातंगी देवी की साधना से वाक् सिद्धि कैसे प्राप्त होती है?

नवमी महाविद्या — वाक्/कला देवी। बीज: 'ॐ ह्रीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा'। वाक् सिद्धि = सम्मोहक वाणी। कवि/वक्ता/गायक/कलाकार। गृहस्थ सुख सर्वोत्तम। हरा रंग।

मंगलवार को हनुमान जी की पूजा कैसे करें?

स्नान→लाल/केसरिया वस्त्र→दीपक (सरसों तेल)→सिंदूर+तेल→केसरिया चोला→गुड़-चने भोग→हनुमान चालीसा (1-7 बार)→बजरंग बाण→आरती→प्रसाद। 'ॐ हं हनुमते नमः' 108 बार। मांसाहार वर्जित।

दुर्गा मां की पूजा में लाल चुनरी चढ़ाने का क्या महत्व है?

लाल चुनरी = शक्ति (अग्नि/ऊर्जा), सुहाग (सौभाग्य), रजोगुण (क्रियाशीलता), जीवन शक्ति (रक्त)। मन्नत परंपरा। षोडशोपचार का अंग। नियम: नई, शुद्ध, लाल/केसरी। हल्दी/कुमकुम छिड़ककर दोनों हाथों से अर्पित।

दुर्गा पूजा में संधि पूजा क्या होती है और कब की जाती है?

अष्टमी-नवमी संधिकाल (~24-48 मिनट)। चंड-मुंड/शुम्भ-निशुम्भ वध क्षण। 108 दीपक + 108 पुष्प + बलिदान (प्रतीकात्मक)। नवरात्रि सबसे शक्तिशाली पूजा।

सुहागिन स्त्री का श्राद्ध किस दिन करें?

मातृ नवमी को।

नवमी श्राद्ध न करने से क्या होता है?

मातृ-दोष और बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।

नवमी श्राद्ध से पितृ दोष मिटता है क्या?

हाँ, पितृ दोष शांति में सहायक है।

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