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3 नवंबर 2026

3 नवंबर 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

3 नवंबर 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण नवमी
नक्षत्र
मघा
योग
शुक्ल
करण
गर
वार
मंगलवार
हिन्दू मास
कार्तिक
ऋतु
शरद
सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
17:35

3 नवंबर 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

दुर्गा पूजा में सप्तमी अष्टमी नवमी का क्या विशेष महत्व है?

सप्तमी: नबपत्रिका, प्राण प्रतिष्ठा, नेत्रोन्मीलन। अष्टमी: संधि पूजा (108 दीपक), कुमारी पूजा = सर्वशक्तिशाली। नवमी: हवन/पूर्णाहुति, कन्या पूजन, वरदान।

नवरात्रि में कन्या पूजन की विधि और कितनी कन्याओं की पूजा करें?

9 कन्या सर्वोत्तम (नवदुर्गा)। 7/5/2+1/1 भी मान्य। आयु 2-10 वर्ष। विधि: चरण धोएं → तिलक → चुनरी+श्रृंगार → हलवा-पूरी-चना+खीर → दक्षिणा → प्रणाम। अष्टमी/नवमी।

मंगलवार को लाल कपड़ा बांधने से क्या लाभ होता है?

मंगलवार मंगल ग्रह और हनुमान जी का दिन है। लाल कपड़ा बाँधने/पहनने से मंगल दोष शांति, साहस वृद्धि, हनुमान कृपा और बुरी शक्तियों से रक्षा होती है। हनुमान जी को लाल चोला चढ़ाना विशेष शुभ है।

हनुमान अष्टक पाठ का सही समय

हनुमान अष्टक का पाठ संध्या काल या रात्रि के समय करना सर्वाधिक प्रभावशाली होता है। संकट के समय मंगलवार या शनिवार की रात इसका पाठ अचूक फल देता है।

मंदिर में तुलसी विवाह के दिन विशेष सजावट क्यों करते हैं?

तुलसी+शालिग्राम विवाह (कार्तिक एकादशी)। विष्णु जागे (देवउठनी), मंगल कार्य आरंभ, तुलसी=लक्ष्मी, विवाह=सजावट। मंडप/फूल/गन्ना। कराना=पुत्री विवाह समान पुण्य।

देवी की पूजा में अष्टमी और नवमी का क्या विशेष महत्व है?

अष्टमी: देवी शक्ति सर्वोच्च, संधि पूजा, हवन, रक्तबीज वध। नवमी: कन्या पूजन (9=9 देवी), पूर्णाहुति, वरदान अध्याय। दोनों = नवरात्रि चरमोत्कर्ष — 2 दिन = 9 दिन फल।

मातंगी देवी की साधना से वाक् सिद्धि कैसे प्राप्त होती है?

नवमी महाविद्या — वाक्/कला देवी। बीज: 'ॐ ह्रीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा'। वाक् सिद्धि = सम्मोहक वाणी। कवि/वक्ता/गायक/कलाकार। गृहस्थ सुख सर्वोत्तम। हरा रंग।

मंगलवार को हनुमान जी की पूजा कैसे करें?

स्नान→लाल/केसरिया वस्त्र→दीपक (सरसों तेल)→सिंदूर+तेल→केसरिया चोला→गुड़-चने भोग→हनुमान चालीसा (1-7 बार)→बजरंग बाण→आरती→प्रसाद। 'ॐ हं हनुमते नमः' 108 बार। मांसाहार वर्जित।

दुर्गा पूजा में संधि पूजा क्या होती है और कब की जाती है?

अष्टमी-नवमी संधिकाल (~24-48 मिनट)। चंड-मुंड/शुम्भ-निशुम्भ वध क्षण। 108 दीपक + 108 पुष्प + बलिदान (प्रतीकात्मक)। नवरात्रि सबसे शक्तिशाली पूजा।

गजाच्छाया योग क्या है?

हस्त सूर्य, मघा चन्द्र और त्रयोदशी/अमावस्या का योग।

मघा नक्षत्र पितरों से कैसे जुड़ा है?

मघा नक्षत्र के देवता पितर हैं।

सुहागिन स्त्री का श्राद्ध किस दिन करें?

मातृ नवमी को।

नवमी श्राद्ध न करने से क्या होता है?

मातृ-दोष और बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।

नवमी श्राद्ध से पितृ दोष मिटता है क्या?

हाँ, पितृ दोष शांति में सहायक है।

नवमी श्राद्ध में कौन से पिण्ड चढ़ते हैं?

मातृ-पितरों के पिण्ड।

नवमी श्राद्ध में तर्पण कैसे करें?

तिल-कुश-जल से दक्षिणमुख तर्पण।

नवमी श्राद्ध में श्राद्धकर्ता कैसे बैठे?

कुशा, रेशम या ऊन के आसन पर।

नवमी श्राद्ध का अधिकारी कौन है?

पुत्र सहित योग्य परिजन।

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3 नवंबर 2026 — आज का पंचांग और प्रश्नोत्तर — 18 प्रश्न