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अर्थ

श्रीलिङ्गमहापुराण का अर्थ(7)

श्रीलिङ्गमहापुराण का अर्थश्रीलिङ्गमहापुराण क्या है?श्रीलिङ्गमहापुराण का महत्व
सरल उत्तर

यतियों, ब्रह्मचारियों और पत्नीरहित संन्यासियों के लिये मन, वचन और कर्म से मैथुन में प्रवृत्ति न रखना ब्रह्मचर्य है।

स्रोत प्रश्न: ब्रह्मचर्य का अर्थ क्या है? →
यम

ब्रह्मचर्य का अर्थ क्या है?

यतियों, ब्रह्मचारियों और पत्नीरहित संन्यासियों के लिये मन, वचन और कर्म से मैथुन में प्रवृत्ति न रखना ब्रह्मचर्य है।

#ब्रह्मचर्य#यति#ब्रह्मचारी
यम

योग में यम का मतलब क्या है?

तप में प्रवृत्ति और विषय-भोगों से निवृत्ति को यम कहा गया है। अहिंसा इसका पहला हेतु है।

#यम#तप#विषय निवृत्ति
शंकर नाम

नीललोहित नाम का अर्थ क्या है?

नीला कण्ठ और लाल देह होने के कारण शिवजी नीललोहित कहलाते हैं।

#नीललोहित#नीला कण्ठ#लाल देह
शंकर नाम

पिनाकी नाम का अर्थ क्या है?

पिनाक नामक धनुष धारण करने के कारण शिवजी पिनाकी कहलाते हैं।

#पिनाकी#पिनाक#धनुष
शंकर नाम

शंकर नाम का अर्थ क्या है?

शंकर नाम का अर्थ कल्याण करने वाला बताया गया है।

#शंकर#नाम अर्थ#कल्याण
अविद्या

तम, मोह, महामोह, तामिस्र और अन्धतामिस्र का अर्थ क्या है?

तम का अर्थ अज्ञान, महामोह का अर्थ भोगेच्छा, तामिस्र का अर्थ क्रोध और अन्धतामिस्र का अर्थ अभिनिवेश बताया गया है।

#तम#मोह#महामोह
पाशुपत तत्त्व

पशु और पाश का अर्थ किस विषय में बताया गया है?

पशु को जीव और पाश को बन्धन मानकर उनकी मीमांसा का विषय बताया गया है।

#पशु#जीव#पाश
और अर्थ
अन्य शब्दों के अर्थ

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