नवग्रह (सूर्य) नाम मंत्र
दिवाकर
दिन के सभी कार्यों में सिद्धि एवं अंधकार (निराशा) का नाश।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
दिन के सभी कार्यों में सिद्धि एवं अंधकार (निराशा) का नाश।
इस मंत्र से क्या होगा?
दिन के सभी कार्यों में सिद्धि एवं अंधकार (निराशा) का नाश
जाप विधि
दिन के कार्यों के आरंभ में वैखरी जप।
विशेष टिप्पणियाँ
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ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्षं शान्ति: पृथिवी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति: । वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति: सर्वं शान्ति: शान्तिरेव शान्ति: सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति: ॥
gyan mantraअयमात्मा ब्रह्म
sabar mantraकाल भैरव का जो नाम ले नर नारी उसके लिए मूठ कभी ना पड़े भारी जय जय काल भैरव देव मूठ चली हवा बनकर काल भैरव चले ढाल बनकर अष्ट हाथ भैरव जी के फैले काट दी जड़ मूठ की चढ़ा दी आकाश नीचे काटी ऊपर काटी काट दी पाताल में 11
tantrik mantraॐ क्रीं क्रीं क्रीं ॐ ह्रीं ह्रीं हूं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा
bhakti mantraरामचन्द्रचरणौ शरणं प्रपद्ये
kaamya mantraॐ ऐं ह्रीं श्रीं श्रीं नमो भगवति मम समृद्धौ ज्वल ज्वल मां सर्व सम्पदं देहि देहि मम अलक्ष्मीं नाशय नाशय फट् स्वाहा।