भगवान शिव नाम मंत्र
महादेव
असाध्य रोगों से मुक्ति, भयंकर शत्रुओं पर विजय एवं आत्मबल (Willpower) में असीम वृद्धि।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
असाध्य रोगों से मुक्ति, भयंकर शत्रुओं पर विजय एवं आत्मबल (Willpower) में असीम वृद्धि।
इस मंत्र से क्या होगा?
असाध्य रोगों से मुक्ति, भयंकर शत्रुओं पर विजय एवं आत्मबल (Willpower) में असीम वृद्धि
जाप विधि
ऊंचे स्वर में (वैखरी) या पर्वत-एकांत में ध्यानपूर्वक पूरे प्राण-बल के साथ जप।
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क्लीं
ugra mantraॐ नमो विपरीत-प्रत्यंगिरायै सहस्त्रानेक-कार्य-लोचनायै कोटि-विद्युज्जिह्वायै महा-व्याव्यापिन्यै संहार-रुपायै जन्म-शान्ति-कारिण्यै। मम स-परिवारकस्य भावि-भूत-भवच्छत्रून् स-दाराऽपत्यान् संहारय संहारय, महा-प्रभावं दर्शय दर्शय, हिलि हिलि, किलि किलि, मिलि मिलि, चिलि चिलि, भूरि भूरि, विद्युज्जिह्वे, ज्वल ज्वल, प्रज्वल प्रज्वल, ध्वंसय ध्वंसय, प्रध्वंसय प्रध्वंसय, ग्रासय ग्रासय, पिब पिब, नाशय नाशय, त्रासय त्रासय, वित्रासय वित्रासय, मारय मारय, विमारय विमारय, भ्रामय भ्रामय, विभ्रामय विभ्रामय, द्रावय द्रावय, विद्रावय विद्रावय हूं हूं फट् स्वाहा।।
sabar mantraओम चौकी हनुमत वीर की बाण ध्वजा फहराए मारू मारू मारुत सुत मुष्टिक शत्रु नसाय मेरे इष्ट रामचंद्र जी अगुवा हनुमंता वीर चौकी सुदर्शन चक्र की रक्षा करें शरीर टोना ब्रह्म भूत प्रेत संग डाईन डाकिनी सांप बिच्छू चोर बट सब कुछ निष्फल जाई 6
tantrik mantraॐ ह्रीं श्रीं क्लीं भुवनेश्वर्यै नमः
gyan mantraमेधां मे वरुणो ददातु मेधामग्निः प्रजापतिः । मेधामिन्द्रश्च वायुश्च मेधां धाता ददातु मे स्वाहा ॥
vaidik mantraॐ स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः । स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु ॥