श्री राधा नाम मंत्र
राधे राधे
हृदय में माधुर्य रस का संचार, लौकिक चिंताओं का नाश एवं निरंतर आनंद की अवस्था।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
हृदय में माधुर्य रस का संचार, लौकिक चिंताओं का नाश एवं निरंतर आनंद की अवस्था।
इस मंत्र से क्या होगा?
हृदय में माधुर्य रस का संचार, लौकिक चिंताओं का नाश एवं निरंतर आनंद की अवस्था
जाप विधि
वृंदावन की रज (धूल) का ध्यान करते हुए सस्वर चलते-फिरते जप।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ वराहाय नमः
jap mantraॐ हसां हसीं हसूं हसैं हसौं हसः
ugra mantraह्रीं क्षं भक्ष ज्वाला जिह्वे कराल दंष्ट्रे प्रत्यंगिरे क्षं ह्रीं हूं फट्
gyan mantraॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा ॥
kaamya mantraइन्द्र वाजेषु नोऽव सहस्त्रप्रधनेषु च। उग्र उग्राभिरूतिभिः॥
kavach mantraक्रीं कालिकायै स्वाहा मम नाभिं सदावतु ॥ ह्रीं कालिकायै स्वाहा मम पृष्ठं सदावतु । रक्तबीजविनाशिन्यै स्वाहा हस्तौ सदावतु ॥ नीलुत्वल दलश्यामा शत्रु संघ विदारणी नरमुंड तथा खगम कमलम च वरम तथा निर्भयाम रक्त बदनाम दस्ताली घोर रूपणी शवासनताम काली मुंडमाला विभूषिताम सर्वाङ्गं पातु मे देवी सर्व संपत् करे शुभे सर्व देव स्तु ते देवी कालिके तवाम नमाम यहम 23