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उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान श्रीकृष्ण / अच्युताष्टकम्

भगवान श्रीकृष्ण / अच्युताष्टकम् स्तोत्र मंत्र

अच्युतस्याष्टकं य: पठेदिष्टदं प्रेमत: प्रत्यहं पूरुष: सस्पृहम्। वृत्तत: सुन्दरं कर्तृविश्वम्भर- स्तस्य वश्यो हरिर्जायते सत्वरम्।। 9

श्री हरि भगवान का वशीकरण, प्रभु कृपा की प्राप्ति, भक्ति और भीतरी सुंदरता का विकास 8।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारस्तोत्र मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

श्री हरि भगवान का वशीकरण, प्रभु कृपा की प्राप्ति, भक्ति और भीतरी सुंदरता का विकास 8।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

श्री हरि भगवान का वशीकरण, प्रभु कृपा की प्राप्ति, भक्ति और भीतरी सुंदरता का विकास

जाप विधि

भगवान श्रीकृष्ण के निमित्त प्रतिदिन प्रेम और श्रद्धापूर्वक इस अष्टक का पाठ करें। जन्माष्टमी पर विशेष पाठ लाभदायी है 8।

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