लोकशेषनाग का अर्थ क्या है?शेषनाग वह अनंत आधार हैं जो प्रलय के बाद भी शेष रहते हैं।#शेषनाग#अनंत#विष्णु
लोकभगवान विष्णु शेषनाग पर क्यों लेटते हैं?शेषनाग अनंत आधार के प्रतीक हैं, इसलिए विष्णु उन पर शयन करते हैं।
लोकशेषनाग पाताल लोकों का आधार कैसे हैं?शेषनाग के हजारों सिरों पर संपूर्ण भूमंडल सभी लोकों सहित सरसों के दाने की तरह टिका हुआ बताया गया है।#शेषनाग आधार#पाताल लोक#अनंत
लोकशेषनाग का वितल लोक से क्या संबंध है?शेषनाग सभी अधोलोकों के आधार हैं; वितल के नाग और असुर भी उनकी स्तुति करते हैं।#शेषनाग#वितल लोक#पाताल
लोकशेषनाग सातों पातालों के नीचे कहाँ हैं?सातों पातालों के 30,000 योजन नीचे गर्भोदक सागर में शेषनाग (अनंत देव) विराजमान हैं जो ब्रह्मांड का भार अपने फनों पर धारण करते हैं।#शेषनाग#30000 योजन#गर्भोदक सागर
नाग गायत्री और बीज मंत्रकालसर्प दोष के लिए कौन सा गायत्री मंत्र जपें?कालसर्प दोष के लिए वासुकि गायत्री, अनंत गायत्री या नवनाग गायत्री — इनमें से किसी एक का 11 माला (11×108) जप करना चाहिए।#कालसर्प गायत्री#वासुकि#अनंत