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विस्तृत उत्तर
शेषनाग का अर्थ है वह जो सब कुछ समाप्त होने के बाद भी शेष रहता है। महाप्रलय में जब लोक और रूप मिट जाते हैं, तब शेषनाग अनंत आधार के प्रतीक रूप में वर्णित होते हैं। भगवान विष्णु उन्हीं पर योगनिद्रा में स्थित रहते हैं। यह बताता है कि सृष्टि का आधार नश्वर पदार्थ नहीं, बल्कि अनंत और दिव्य सत्ता है।
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