ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

शेषनाग से जुड़े सभी प्रश्न(27)

शेषनाग पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 27 प्रश्न उपलब्ध हैं।

लोक

संकर्षण की अग्नि क्या है?

संकर्षण की अग्नि (कालानल) पाताल के मूल में स्थित भगवान शेषनाग के मुख से नैमित्तिक प्रलय में उत्पन्न होती है और पाताल से ऊपर उठकर त्रैलोक्य को भस्म करती है।

#संकर्षण#कालानल#शेषनाग
लोक

संकर्षण की अग्नि क्या है?

संकर्षण की अग्नि (कालानल) भगवान शेषनाग के मुख से नैमित्तिक प्रलय में उत्पन्न होती है। यह पाताल से ऊपर उठकर त्रैलोक्य को भस्म करती है और महर्लोक तक ताप पहुँचाती है।

#संकर्षण#अग्नि#कालानल
शिव महिमा

शिव जी के गले में जो सर्प है वह वासुकी है या शेषनाग?

शिव जी के गले में लिपटे सर्प का नाम वासुकी है, न कि शेषनाग। शेषनाग भगवान विष्णु के सर्प हैं। वासुकी नागों के राजा और शिव के परम भक्त हैं, जिन्हें समुद्र मंथन में भाग लेने के बाद शिव ने गले में स्थान दिया।

#वासुकी#शेषनाग#शिव नाग
विष्णु एवं वैष्णव परंपरा

क्षीरसागर क्या है और कहाँ है?

क्षीरसागर 'दूध का सागर' है — पुराणों में वर्णित वह दिव्य महासागर जहाँ भगवान विष्णु शेषनाग-शैय्या पर देवी लक्ष्मी के साथ विश्राम करते हैं। यह ब्रह्मांड के केंद्र में स्थित अलौकिक स्थान है, कोई सामान्य भौतिक सागर नहीं।

#क्षीरसागर#विष्णु निवास#शेषनाग
देव ज्ञान

विष्णु शेषनाग पर क्यों सोते?

शेष=अनंत, ब्रह्मांड आधार। क्षीरसागर=शुद्ध चेतना। योगनिद्रा=सचेत(OS background)। लक्ष्मी चरण=शक्ति सेवा। नाभि कमल→ब्रह्मा=सृष्टि विष्णु से।

#विष्णु#शेषनाग#क्षीरसागर
विष्णु एवं वैष्णव परंपरा

क्षीरसागर क्या है और कहाँ है?

क्षीरसागर 'दूध का सागर' है — पुराणों में वर्णित वह दिव्य महासागर जहाँ भगवान विष्णु शेषनाग-शैय्या पर देवी लक्ष्मी के साथ विश्राम करते हैं। यह ब्रह्मांड के केंद्र में स्थित अलौकिक स्थान है, कोई सामान्य भौतिक सागर नहीं।

#क्षीरसागर#विष्णु निवास#शेषनाग
प्रलय और विष्णु

विष्णु शेषनाग पर कैसे सो रहे थे?

प्रलय-सागर में विष्णु हजार फनों वाले शेषनाग की छायायुक्त फण-शय्या पर अनिर्वचनीय योग में स्थित होकर शयन कर रहे थे।

#विष्णु#शेषनाग#शेषशय्या
लोक

शेषनाग और समय का क्या संबंध है?

शेषनाग समय की अनंतता और चक्रीयता के प्रतीक हैं।

#शेषनाग#समय#कालचक्र
लोक

शेषनाग को अनंत क्यों कहते हैं?

वे सृष्टि और प्रलय से परे अनंत आधार के प्रतीक हैं।

#शेषनाग#अनंत#काल
लोक

अनंत शेष कौन हैं?

अनंत शेष विष्णु की दिव्य शय्या और अनंत आधार के प्रतीक हैं।

#अनंत शेष#शेषनाग#विष्णु
लोक

शेषनाग का अर्थ क्या है?

शेषनाग वह अनंत आधार हैं जो प्रलय के बाद भी शेष रहते हैं।

#शेषनाग#अनंत#विष्णु
लोक

महाप्रलय के बाद भगवान विष्णु कहाँ रहते हैं?

वे क्षीरसागर में अनंत शेष पर योगनिद्रा में स्थित रहते हैं।

#महाप्रलय#भगवान विष्णु#शेषनाग
लोक

भगवान विष्णु शेषनाग पर क्यों लेटते हैं?

शेषनाग अनंत आधार के प्रतीक हैं, इसलिए विष्णु उन पर शयन करते हैं।

#भगवान विष्णु#शेषनाग#अनंत
लोक

महाविष्णु कहाँ शयन करते हैं?

महाविष्णु कारणोदक सागर में शेषनाग पर शयन करते हैं।

#महाविष्णु#कारणोदक सागर#शेषनाग
लोक

प्रलय के बाद विष्णु कहाँ शयन करते हैं?

विष्णु शेषनाग पर योगनिद्रा में शयन करते हैं।

#विष्णु#शेषनाग#योगनिद्रा
लोक

वैकुण्ठ में विष्णु कैसे विराजते हैं?

विष्णु शंख, चक्र, गदा, पद्म सहित शेषनाग पर विराजते हैं।

#विष्णु#वैकुण्ठ#शेषनाग
लोक

शेषनाग किसका प्रतीक हैं?

अनंत काल और चक्र का प्रतीक।

#शेषनाग#काल#अनंत
लोक

महाप्रलय में शेषनाग कहाँ थे?

क्षीरसागर के कारण जल पर।

#शेषनाग#क्षीरसागर#विष्णु
लोक

शेषनाग को शेष क्यों कहते हैं?

क्योंकि वे प्रलय के बाद भी शेष रहते हैं।

#शेषनाग#अनंत#महाप्रलय
लोक

पाताल लोक ज्योतिष ज्ञान से कैसे जुड़ा है?

पाताल ज्योतिष ज्ञान से इसलिए जुड़ा है क्योंकि गर्ग मुनि ने वहाँ शेषनाग की कृपा से ज्योतिष और खगोल विज्ञान पाया।

#पाताल ज्योतिष#गर्ग मुनि#शेषनाग
लोक

गर्ग मुनि ने पाताल में क्या ज्ञान प्राप्त किया?

गर्ग मुनि ने शेषनाग की कृपा से ज्योतिष शास्त्र, खगोल विज्ञान, ग्रहों की गति और शकुन-अपशकुन का ज्ञान पाया।

#गर्ग मुनि#पाताल#शेषनाग
लोक

शेषनाग का वितल लोक से क्या संबंध है?

शेषनाग सभी अधोलोकों के आधार हैं; वितल के नाग और असुर भी उनकी स्तुति करते हैं।

#शेषनाग#वितल लोक#पाताल
लोक

शेषनाग सातों पातालों के नीचे कहाँ हैं?

सातों पातालों के 30,000 योजन नीचे गर्भोदक सागर में शेषनाग (अनंत देव) विराजमान हैं जो ब्रह्मांड का भार अपने फनों पर धारण करते हैं।

#शेषनाग#30000 योजन#गर्भोदक सागर
लोक

शेषनाग का पाताल लोक से क्या संबंध है?

सातों पातालों के 30,000 योजन नीचे गर्भोदक सागर में भगवान शेषनाग (अनंत) विराजमान हैं जो अपने फनों पर सम्पूर्ण ब्रह्मांड का भार धारण करते हैं।

#शेषनाग#पाताल#गर्भोदक सागर
पूजन विधान

अनंत चतुर्दशी के दिन शेषनाग की पूजा क्यों की जाती है?

क्योंकि शेषनाग भगवान विष्णु की शय्या (बिस्तर) हैं और उन्हीं के ऊपर भगवान आराम करते हुए दुनिया चलाते हैं। घास (दूर्वा) से शेषनाग बनाकर कलश पर उनकी पूजा होती है।

#शेषनाग#काल शक्ति#कलश
पूजन विधान

अनंत चतुर्दशी व्रत में मुख्य रूप से किसकी पूजा होती है?

इस व्रत में मुख्य रूप से भगवान विष्णु के 'अनन्त' स्वरूप और उनकी शय्या बने काल के प्रतीक 'शेषनाग' की पूजा की जाती है।

#अनन्त नारायण#शेषनाग#विष्णु पूजा
त्योहार पूजा

नाग पंचमी पर दूध चढ़ाने की परंपरा का क्या आधार है?

दूध आधार: क्षीरसागर में शेषनाग पर विष्णु शयन, समुद्र मंथन में वासुकि सेवा, शिव-नाग सम्बंध। दूध = सर्वोच्च सम्मान। किन्तु जीवित सर्प दूध नहीं पचाते — उन्हें दूध देना हानिकारक। प्रतिमा/चित्र/शिवलिंग पर अर्पित करें।

#नाग पंचमी दूध#सर्प दूध#पौराणिक आधार
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।