विस्तृत उत्तर
पाताल लोक ज्योतिष ज्ञान से महर्षि गर्ग और भगवान शेषनाग के प्रसंग के कारण जुड़ा है। श्री विष्णु पुराण के अनुसार महर्षि गर्ग ने पाताल लोक जाकर भगवान शेषनाग की आराधना की। शेषनाग की कृपा से उन्होंने संपूर्ण ज्योतिष शास्त्र, खगोल विज्ञान, ग्रहों की गति और शकुन-अपशकुन का ज्ञान प्राप्त किया। यह प्रमाणित करता है कि वितल लोक और पाताल लोक केवल भोग के स्थान नहीं हैं, बल्कि ब्रह्मांडीय रहस्यों और ज्योतिषीय ज्ञान के भंडार भी हैं, जहाँ तक केवल श्रेष्ठ तपस्वी ही पहुँच सकते हैं।
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