मंत्र का स्वरूप और अर्थ'मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्' का क्या अर्थ है?'मृत्योर्मुक्षीय' = मृत्यु से मुक्त करें; 'मामृतात्' = 'मा' (नहीं) + 'अमृतात्' (अमरत्व से) — अर्थात् मुझे अमरत्व से दूर न करें, मुझे मोक्ष प्रदान करें।#मृत्योर्मुक्षीय#मामृतात्#मोक्ष
रामचरितमानस — बालकाण्डरावण ने ब्रह्माजी से क्या वरदान माँगा?रावण ने माँगा — वानर और मनुष्य को छोड़कर किसी के मारे न मरूँ। उसने इन दोनों को तुच्छ समझा। यही भूल उसके अन्त का कारण बनी — भगवान ने मनुष्य रूप में अवतार लिया और वानर सेना से रावण का वध किया।#बालकाण्ड#रावण वरदान
रामचरितमानस — बालकाण्डकपटमुनि (कालकेतु) ने प्रतापभानु को क्या लालच दिया?कपटमुनि ने तप की महिमा बताकर लालच दिया — 'तप से कुछ भी दुर्लभ नहीं, मुझे सब सिद्ध है।' अमरत्व और अजेयता का लालच देकर राजा को विश्वास में लिया ताकि अपनी छल-योजना पूरी कर सके।#बालकाण्ड#कपटमुनि#लालच
पौराणिक ज्ञानसात चिरंजीवी कौन हैं और अमर क्यों?सप्त चिरंजीवी: अश्वत्थामा (शाप), बलि (विष्णु वरदान), व्यास (धर्म रक्षा), हनुमान (सीता वरदान), विभीषण (राम वरदान), कृपाचार्य (ब्रह्मा वरदान), परशुराम (कल्कि गुरु)। आठवें मार्कण्डेय (शिव कृपा)। पद्म पुराण श्लोक सहित।#सप्त चिरंजीवी#अमरत्व#पुराण