मंदिर शिष्टाचारमंदिर में अविवाहित युवक युवती एक साथ पूजा कर सकते हैं या नहीं?
कोई शास्त्रीय निषेध नहीं — भगवान भक्ति देखते हैं, वैवाहिक स्थिति नहीं। सामाजिक रूढ़ि ≠ शास्त्रीय नियम। आचरण नियम: शालीन व्यवहार, रोमांटिक व्यवहार = अनुचित, मंदिर = भक्ति स्थान (डेट नहीं)। शुद्ध भाव से दर्शन = सभी के लिए शुभ। मंदिर गरिमा = सबकी जिम्मेदारी।
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