पारद शिवलिंग निर्माणपारद बंधन क्या होता है?पारद बंधन अंतिम प्रक्रिया है — अष्ट संस्कारित पारद को दिव्य औषधियों या चांदी जैसी शुद्ध धातुओं के योग से ठोस ('बद्ध') स्वरूप दिया जाता है, यही पारद शिवलिंग है।#पारद बंधन#ठोस स्वरूप#अष्ट संस्कार
पारद शिवलिंग निर्माणपारद के कुल कितने संस्कार होते हैं?पारद के कुल 18 (अष्टादश) संस्कार होते हैं — लेकिन रसरत्नसमुच्चय के अनुसार पहले 8 (अष्ट) संस्कार ही देहसिद्धि और शिवलिंग निर्माण के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं।#अष्टादश संस्कार
पारद शिवलिंग निर्माणपारद के अष्ट संस्कार क्या हैं?पारद के अष्ट संस्कार पारद के नैसर्गिक दोष (विष, मल, चापल्य) दूर करके दिव्य गुण जाग्रत करते हैं — प्रमुख संस्कार: स्वेदन, मर्दन, मूर्छना, नियमन, दीपन, बंधन।#अष्ट संस्कार#स्वेदन मर्दन मूर्छना#रसशास्त्र
पारद शिवलिंग निर्माणपारद शिवलिंग कैसे बनता है?पारद शिवलिंग 'बनाया' नहीं, 'सिद्ध' किया जाता है — तरल पारे को अनेक रस-शास्त्रीय संस्कारों से शोधित करके अंत में 'बंधन' प्रक्रिया से ठोस स्वरूप दिया जाता है।#पारद शिवलिंग निर्माण#रस शास्त्र#अष्ट संस्कार