जीवन एवं मृत्युयमदूतों के दांत और आंखें कैसी होती हैं?गरुड़ पुराण के अनुसार यमदूत दाँतों को कटकटाते हुए आते हैं, उनकी बड़ी-बड़ी दाढ़ें होती हैं। उनकी आँखें क्रोध से लाल, गोल और अत्यंत भयावह होती हैं — ये न्याय और दंड के प्रतीक हैं।#यमदूत#दांत#आँखें
जीवन एवं मृत्युमृत्यु के समय व्यक्ति की आंखों में क्या परिवर्तन होता है?गरुड़ पुराण के अनुसार मोहग्रस्त व्यक्ति की आँखें मृत्यु पर खुली रहती हैं, पापी की आँखें उलट जाती हैं। पुण्यात्मा की मृत्यु शांत होती है। आँखों की स्थिति व्यक्ति के कर्मों का परिचायक है।#मृत्यु
साधना मार्गध्यान में आँखें खोलें या बंद करें?ध्यान में आँखें बंद रखना सबसे प्रचलित और प्रारंभिकों के लिए उपयुक्त है — इससे बाहरी विक्षेप कम होते हैं। त्राटक जैसी विशेष साधनाओं में आँखें खुली रखी जाती हैं। नींद आती हो तो आँखें अधखुली रखना उचित है।#ध्यान#आँखें#साधना विधि
जप विधिमंत्र जप करते समय आंखें बंद करनी चाहिए?आँखें बंद — श्रेष्ठ (प्रत्याहार, आंतरिक दर्शन, एकाग्रता)। आँखें खुली — त्राटक जप में या ऊँघ आने पर। गीता: नाक की नोक पर दृष्टि — मध्यम मार्ग। महत्वपूर्ण: आँखों से अधिक मन का इष्ट देव पर होना।#आँखें#बंद#खुली