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आरोग्य से जुड़े सभी प्रश्न(14)

आरोग्य पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 14 प्रश्न उपलब्ध हैं।

मंत्र साधना

सूर्य देव का 'ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' मंत्र

यह सूर्य का प्रचंड बीज मंत्र है। प्रातःकाल अर्घ्य देते समय इसका जप करने से नेत्र रोग, शारीरिक दुर्बलता और निराशा दूर होती है, तथा आत्मबल और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

#सूर्य#बीज मंत्र#आरोग्य
नित्य कर्म

अन्नपूर्णा मंत्र भोजन से पहले

भोजन से पूर्व 'अन्नपूर्णे सदापूर्णे...' मंत्र का उच्चारण करने से अन्न के दोष नष्ट होते हैं, भोजन प्रसाद बन जाता है और घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती।

#अन्नपूर्णा#भोजन#कृतज्ञता
लोक

पंचमी श्राद्ध से आरोग्य कैसे मिलता है?

पंचमी श्राद्ध से पितरों का आरोग्य आशीर्वाद मिलता है।

#पंचमी श्राद्ध#आरोग्य#पितृ आशीर्वाद
लोक

मानव योनि में पितर को श्राद्ध का फल कैसे मिलता है?

मानव योनि में पितर को श्राद्ध का फल अन्न-जल, आरोग्य और धन-धान्य के रूप में मिलता है।

#मानव योनि#श्राद्ध फल#अन्न जल
फलश्रुति

मकर संक्रांति की पूजा और स्नान से क्या फायदे होते हैं?

मकर संक्रांति फल: (1) आरोग्य: कुष्ठ, नेत्र, हृदय रोगों से मुक्ति; आरोग्य-मेधा-यश-दीर्घायु, (2) पाप मुक्ति + विष्णु-लोक/शिव-लोक में स्थान, (3) दान कभी क्षय नहीं — परलोक में सहस्र गुना वापस, (4) निष्काम उपासना = मोक्ष।

#मकर संक्रांति फल#पाप मुक्ति#विष्णु लोक
पंचतत्व और बीज मंत्र

पंचतत्व बीज मंत्रों की साधना से क्या लाभ होता है?

पंचतत्व बीज मंत्र साधना से: शरीर में पंचतत्व शुद्ध और संतुलित होते हैं, आरोग्य और मानसिक शांति मिलती है, ब्रह्मांडीय तत्वों से सामंजस्य होता है, चक्र शोधन होता है और कुंडलिनी जागरण संभव होता है।

#पंचतत्व साधना#आरोग्य#मानसिक शांति
धातुओं का दिव्य उद्गम

ताम्र किन ग्रहों से संबंधित है?

ताम्र (तांबा) ज्योतिष में सूर्य और मंगल ग्रह की ऊर्जा से युक्त माना गया है — इसकी शुद्धता और अद्भुत ऊर्जा-संवहन क्षमता के कारण पूजा-पाठ में इसे विशेष स्थान मिला है।

#ताम्र ग्रह#सूर्य मंगल#ऊर्जा संवहन
फलश्रुति और लाभ

चन्द्रशेखराष्टकम् पाठ से क्या लाभ होता है?

चन्द्रशेखराष्टकम् से मृत्युभय मुक्ति, पूर्ण आयु, निरोगी जीवन, सम्पूर्ण संपदा, मानसिक शांति, चन्द्रदोष निवारण और अयत्नतः मुक्ति प्राप्त होती है।

#पाठ लाभ#मृत्युभय#आरोग्य
फलश्रुति और लाभ

नीलकंठ स्तोत्र से कौन सी सिद्धियाँ मिलती हैं?

नीलकंठ स्तोत्र से सर्व रोग नाश, विष नाश, भूत-प्रेत से मुक्ति, ग्रह दोष निवारण, मृत्यु भय से मुक्ति, सर्वत्र विजय और मृत्यु के बाद शिवलोक की प्राप्ति होती है।

#सिद्धि#विजय#आरोग्य
गुप्त रुद्राक्ष प्रयोग

६ मुखी रुद्राक्ष किस देवता का स्वरूप है और इसका मंत्र क्या है?

६ मुखी रुद्राक्ष कार्तिकेय स्वरूप है, इसका मंत्र 'ॐ ह्रीं हुं नमः' है और यह आरोग्य तथा ऐश्वर्य प्रदान करता है।

#6 मुखी#कार्तिकेय#शुक्र
श्री रुद्र-कवच-संहिता

क्या रुद्र कवच से धन और आरोग्य की प्राप्ति संभव है?

हाँ, इसके पाठ से उत्तम स्वास्थ्य, लंबी आयु, धन और विद्या की प्राप्ति होती है।

#आरोग्य#धन#फलश्रुति
वार भेद और फल

रवि प्रदोष और सोम प्रदोष व्रत के विशिष्ट फल क्या हैं?

#रवि प्रदोष#सोम प्रदोष#आरोग्य
सूर्य

सूर्य देव को अर्घ्य देते समय किस मंत्र का जप करना चाहिए

सूर्य अर्घ्य के समय 'ॐ सूर्याय नमः' या सूर्य के १२ नामों का जप करना सौभाग्य और आरोग्य प्रदान करता है।

#सूर्य#अर्घ्य#आरोग्य
शिव मंत्र

शिव के किस मंत्र से रोग मुक्ति होती है?

महामृत्युंजय मंत्र (ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...) रोग मुक्ति का सर्वश्रेष्ठ शिव मंत्र है। यजुर्वेद और ऋग्वेद में वर्णित। शिव पुराण में 'मृत संजीवनी' कहा गया। 11,000 जप से रोग मुक्ति, सवा लाख जप से अकाल मृत्यु से रक्षा। रुद्राक्ष माला से ब्रह्म मुहूर्त में जप करें।

#रोग मुक्ति#महामृत्युंजय मंत्र#शिव मंत्र
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